Chandil ( Dilip Kumar) : अखिल झारखंड विस्थापित अधिकार मंच के बैनर तले शुक्रवार से चांडिल डैम के विस्थापितों ने फिर एक बार अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया
है. सुवर्णरेखा
बहुद्देश्यीय परियोजना के चांडिल पुनर्वास सह अंचल कार्यालय के समक्ष दस सूत्री मांगों के समर्थन में यह धरना दिया जा रहा
है. धरना के पहले दिन चांडिल डैम के
डुब क्षेत्र के विभिन्न गांवों से
बड़ी संख्या में महिला पुरुष शामिल हुए.
इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-minister-joba-majhi-inaugurated-badminton-and-basketball-court-in-kgbv-of-sonuva/">चक्रधरपुर
: सोनुवा के केजीबीवी में बैडमिंटन व बास्केटबॉल कोर्ट का मंत्री जोबा माझी ने किया उद्घाटन विस्थापन की समस्या कैंसर की तरह : सुबोधकांत
चांडिल डैम के विस्थापन की समस्या कैंसर की तरह बन गया है. 40 साल बीत जाने के बाद भी विस्थापित अपने जमीन के मुआवजे की मांग कर रहे हैं, यह शर्म की बात है. उक्त बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहीं. सुबोधकांत सहाय दो दिवसीय दौरे पर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में है. इस दौरान धरना स्थल पहुंचकर सुबोधकांत सहाय ने विस्थापितों के मांगों को सुना. इस दौरान सुबोधकांत सहाय ने कहा कि जब वे केंद्रीय मंत्री थे तब सुवर्णरेखा परियोजना को दस हजार करोड़ रुपये दिलवाया था, लेकिन उस राशि को लूट लिया गया है. जितनी भी सरकारें आई, किसी ने विस्थापितों के समस्याओं का समाधान नहीं किया. धरना स्थल से ही उन्होंने स्वर्णरेखा परियोजना के अपर निदेशक रंजना मिश्रा से बात की. रंजना मिश्रा ने बताया कि विस्थापितों के बकाया मुआवजा का भुगतान करने के लिए राशि का अभाव है. सुबोध कांत सहाय ने कहा कि वह इस मामले में जल संसाधन सचिव से बात करेंगे.
इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-truck-drivers-son-will-become-doctor-successful-in-neet-exam/">आदित्यपुर
: ट्रक चालक का पुत्र बनेगा डॉक्टर, नीट परीक्षा में हुआ सफल जल भंडारण के नाम पर हो रही राजनीति
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/chandil-dharna.jpg"
alt="" width="600" height="400" />
धरना प्रदर्शन को आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो ने अपना समर्थन दिया. धरना स्थल पहुंचकर आजसू नेता हरेलाल महतो ने विस्थापितों से मुलाकात की. वहीं, विस्थापितों के हक अधिकार की लड़ाई में हर संभव सहयोग करने की बात कही. इस दौरान उन्होंने कहा कि चांडिल डैम के विस्थापितों के आंदोलन को वह व्यक्तिगत और आजसू पार्टी की ओर से समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार की कथनी और करनी में आकाश और जमीन का फर्क है. 40 साल बाद भी विस्थापितों को अधिकार नहीं मिलना, दुर्भाग्यपूर्ण है. हेमंत सरकार ने चांडिल डैम के विस्थापितों को न्याय दिलाने के लिए विस्थापन आयोग गठन करने का वादा करके वोट लेकर सरकार बनाया है लेकिन साढ़े तीन साल बाद भी विस्थापन आयोग का गठन नहीं हुआ. स्पष्ट है कि हेमंत सरकार ने चांडिल डैम के विस्थापितों को धोखा देने का काम किया है और अब जल भंडारण के नाम पर राजनीति कर रहे हैं. सरकार 185 मीटर जल भंडारण की बात करती हैं और सरकार के ही विधायक जनता को 182 मीटर जल भंडारण का आश्वासन दे रही हैं. [wpse_comments_template]
Leave a Comment