Chandil (Dilip Kumar) : शारदीय नवरात्र के पहले महालया के शुभ अवसर पर सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा समिति की ओर से दंसई नाच के साथ देवी दुर्गा का आह्वान किया गया. समिति की परंपरा है कि महालया के दिन पारंपरिक दंसई नाच के साथ आदि शक्ति महामाया देवी दुर्गा का आहवान किया जाता है. दंसई नाच आदिवासी संताल समाज का पारंपरिक नृत्य है, जिसे दशहरा के दस दिनों में ही किया जाता है. साल में इस नृत्य को दस दिन ही नाचा जाता है. इसमें संताल समाज के पुरुष रंग बिरंगी साड़ियों काे धोती जैसा पहनकर और बांह और माथे पर मोर का पंख लगाकर भुवांग, थाली, बांसुरी, करताल आदि वाद्ययंत्रों के साथ गीत गाते हुए नृत्य करते हैं. चौका मोड़ स्थित नवदुर्गा मंदिर प्रागंण में रविवार को महालया के अवसर पर आसपास के दंसई नृत्य दल पहुंचे और पांरपरिक रूप से नृत्य पेश किया. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-children-of-ekal-vidyalaya-will-get-admission-in-eklavya-vidyalaya-in-class-vi-arjun-munda/">चाईबासा
: एकल विद्यालय के बच्चों को छठी कक्षा में एकलव्य विद्यालय में मिलेगा प्रवेश : अर्जुन मुंडा
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