Search

चांडिल: झारखंड अलग राज्य मिला लेकिन झारखंडियों को उनका हक अधिकार नहीं मिला -जयराम महतो

Chandil: कैसे लिया झारखंड, लड़कर लिए झारखंड. क्या फायदा है और क्या नुकसान है यह हम सब को जानने की आवश्यकता है. 88 साल लगातार लड़ाई लड़ने के बाद झारखंड अलग राज्य मिला. लेकिन झारखंडियों को उनका हक अधिकार नहीं मिला. उक्‍त बातें रविवार को यहां खतियानी आंदोलनकारी जयराम महतो ने मुख्‍य अतिथि के रूप में झारखंडी भाषा-खतियान संघर्ष समिति की खतियानी जनसभा को संबोधित करते हुए कही. जनसभा का आयोजन नीमडीह प्रखंड के रघुनाथपुर डाक बंगला के समीप मैदान में किया गया था. इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-former-cm-raghuvar-das-listened-to-his-mind-with-booth-workers/">जमशेदपुर

: पूर्व सीएम रघुवर दास ने बूथ कार्यकर्ताओं संग सुनी मन की बात

झारखंडी शिक्षित होकर भी बेकार: जयराम महतो

इस अवसर पर जयराम महतो ने कहा कि कंपनी कल कारखाना के नाम पर झारखंडियों की जमीन ली गई. और जब हक अधिकार की बात आती है तो पश्चिम बंगाल, ओडिसा, बिहार के लोगों को दिया जाता है. झारखंडी शिक्षित होकर भी बेकार हैं. यहां के रोजगार बाहरी राज्य के युवाओं को दिए जाते हैं.  इस दौरान स्टेज पर लगे देश के शहीदों के चित्र पर माल्यापर्ण कर सभा का शुभारंभ किया गया. सभा में छऊ नृत्य के माध्यम से झारखंड अलग राज्य की लड़ाई को दिखाया गया.

यह थे उपस्थित

[caption id="attachment_341694" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/06/26jun1a.jpg"

alt="" width="600" height="338" /> सभा में उपस्थित जनसमुदाय.[/caption] खतियानी जनसभा में 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति के समर्थन में हजारों की संख्या में लोगों का जुटान हुआ. इस अवसर पर तरुण महतो, शंकर महतो, फूलचंद महतो, गोपेश्वर महतो, राकेश महतो, शशि महतो, अनूप महतो, निखिल महतो, पवित्र महतो आदि झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: जर्मनी">https://lagatar.in/pm-modi-said-among-indians-in-germany-emergency-was-a-black-spot-on-democracy/">जर्मनी

में भारतीयों के बीच बोले पीएम मोदी, इमरजेंसी लोकतंत्र पर काला धब्बा
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp