Chandil (Dilip Kumar) : अनुमंडल क्षेत्र में चारों ओर करम परब की धूम मची है. गांव-गांव में करम गीत सुनाई दे रहा है. युवतियां व महिलाएं मांदर की थाप पर करम गीतों पर थिरक रही हैं. सुवतियां उपवास पर है. सोमवार को क्षेत्र के आदिवासी व मूलवासी समाज ने धूमधाम के साथ करम परब गना रहा है. सोमवार को दोपहर के वक्त करम गीतों के साथ नाचते गाते करम राजा को जंगल से लाकर अखाड़ा व पूजा स्थानों में स्थापित किया गया. वहीं देर शाम अलग-अलग समय में पारंपरिक पुजारी, दिउरी, लाया, प्रधान ने रीति-रिवाज के अनुसार करम पूजा संपन्न कराया. पूजा-अर्चना कर लोगों ने समाज के लोगों की सुख-समृद्धि के अलावा अच्छी बारिश, फसल की अधिक पैदावार, प्रकृति प्रकोप से बचाव आदि की कामना की. पूजा-अर्चना के बाद जागरण रात्रि में रातभर करम गीतों पर लोग झूमते रहे. आइज तो रे करम राजा घरे दूआरे.. घरे दूआरे, काइल तो रे करम राजा कांस नदीर पारे... आदि गीतों से वातावरण गूंजायमान रहा. इसे भी पढ़ें : चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-natures-festival-of-love-between-brother-and-sister-karam-celebrated-with-great-enthusiasm/">चक्रधरपुर
: भाई-बहन के स्नेह का प्रकृति पर्व करम हर्षोल्लास के साथ मना
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