: कोल्हान विवि के कंप्यूटर ऑपरेटरों के मानदेय में अगले माह से हो सकती है वृद्धि
ऋण की राशि माफ किए जाने के ऐवज में लाभुकों से लिए गए पैसे
उन्होंने बताया कि ऋण धारकों से पैसे निकासी के लिए फॉर्म भराया गया व 15 हजार, 20 हजार व 30 हजार रुपये राशि की निकासी कराई गई. साथ ही पूर्व के ऋण की राशि माफ किए जाने के ऐवज में ऋण धारकों से तीन से पांच हजार रुपये लिए गए और बगैर भरे हुए निकासी व जमा पर्ची पर ऋण धारकों से हस्ताक्षर कराते हुए प्रबंधक ने अपने पास रख लिया. बाद में लाभुकों के मोबाइल पर एक साल में 30 से 70 हजार रुपये तक ऋण राशि होने का मैसेज आने लगा. इसे भी पढ़े : भारी">https://lagatar.in/the-stock-market-opened-with-a-huge-jump-sensex-rose-by-718-points-buying-in-all-sectors/">भारीउछाल के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स में 718 अंकों की तेजी, सभी सेक्टर्स में लिवाली
लाभुकों को नहीं दिया गया है केसीसी पासबुक या कार्ड
लाभुकों ने बताया कि जब उन्होंने बैंक जाकर प्रबंधक से स्टेटमेंट्स का मांग की तो बैंक प्रबंधक ने किसी भी लाभुक को स्टेटमैंट नहीं दिया. साथ ही बैंक कर्मियों द्वारा ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया. यहां तक की अभी तक किसी भी लाभुकों को केसीसी पासबुक या कार्ड नहीं दिया गया है. विदित हो कि पत्र में लिखा गया है कि किसानों को न्याय दिलाने के लिए इस विषय की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए. अन्यथा किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. पत्र में मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम प्रधान आदि जनप्रतिनिधि के हस्ताक्षर भी है. इसे भी पढ़े : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-mp-delegation-talks-with-cms-regarding-basic-facilities-in-railway-hospital/">चाईबासा: सांसद प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे हॉस्पिटल में मूलभूत सुविधाओं को लेकर सीएमएस से की वार्ता [wpse_comments_template]

Leave a Comment