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चांडिल : कुरमी को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

Chandil (Dilip Kumar) : टोटेमिक कुरमी (कुड़मी) समाज ने मंगलवार को चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के चांडिल, ईचागढ़ व कुकड़ू में प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर टोटेमिक कुरमी (कुड़मी) को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग की है. समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सुमित महतो के नेतृत्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. इस अवसर पर सुमित महतो ने बताया कि टोटेमिक कुरमी जनजाति देश की आजादी से पहले प्रीमिटिव ट्राइब (आदिम जनजाति) में सूचीबद्ध था. वर्ष 1950 में जब देश गणतंत्र हुआ तब कुरमी (कुड़मी) महतो जनजाति को छोड़कर सभी आदिम जनजाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध किया गया. इसे भी पढ़ें : किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-on-the-orders-of-the-high-court-the-employment-office-got-to-know-about-the-complainant-unemployed/">किरीबुरू

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72 वर्षों से अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध कराने हेतु हैं संघर्षरत

इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने संसद में भूल सुधारने की बात कबूल की थी, तब से अबतक 72 वर्षों से लगातार यह जनजाति अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध हेतु संघर्षरत है. उन्होंने कहा यदि राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार यथाशीघ्र कुड़मी (कुरमी) जनजाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध करने की पहल नहीं करती है तो 20 सितंबर से पूरे झारखंड में अनिश्चितकालीन रेल चक्का जाम किया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल में टोटेमिक कुरमी (कुडमी) समाज के राम महतो, अंकित महतो, गणेश महतो, विष्णु महतो सहित अन्य लोग मौजूद थे. [wpse_comments_template]

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