- चौका में सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा कमेटी की पूजा में प्रतिदिन उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़
: नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की महिलाओं ने की पूजा-अर्चना
घरों में भी हो रहा दुर्गा सप्तशती का पाठ
शारदीय नवरात्र पर एक ओर जहां मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लग रहा है, वहीं दूसरी ओर अपने-अपने घर में भी देवी के भक्त पूरे विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना कर माता रानी से अपनी मनोकामना पूरी करने की विनती कर रहे हैं. लोग अपने घर में कलश स्थापित कर रोज माता रानी का पूजन विधान पूर्वक कर रहे हैं. इस दौरान भक्त उपवास रखकर पूजा-अर्चना और दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं. मंदिर और घरों में श्रद्धालु मंत्रों का जाप भी कर रहे हैं. वहीं दूसरी ओर चौका में श्रीराम कथा सुनने के लिए रोज श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. रामकथा को विराम दिए जाने के बाद ही मंदिर में संध्या आरती होती है. संध्या आरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं. इनमें महिलाओं की संख्या अधिक रहती है. वहीं चौका में नवरात्रि के अवसर पर मंदिर के आसपास लगे खिलौने और अन्य सामग्रियों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है. इसे भी पढ़ें : Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-the-pandal-of-maa-bhavani-youth-club-opened-late-at-night/">Adityapur: देर रात खुला मां भवानी यूथ क्लब के पंडाल का पट
वात्सल्य की मूर्ति हैं स्कंदमाता
स्कंदमाता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं. देवताओं के सेनापति कहे जाने वाले स्कंद कुमार यानी कार्तिकेय की माता होने के कारण इनका नाम स्कंदमाता पड़ा. देवी स्कंदमाता हिमालय की पुत्री हैं. इसलिए उन्हें पार्वती भी कहा जाता है. महादेव शिव की पत्नी होने के कारण उन्हें माहेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है. स्कंदमाता को वात्सल्य की मूर्ति भी कहा जाता है. मान्यता है कि इनकी आराधना करने से संतान की प्राप्ति होती है. जो भक्त सच्चे मन और पूरे विधि-विधान से माता की पूजा करते हैं, उन्हें ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है. मां स्कंदमाता को मां दुर्गा का मातृत्व परिभाषित करने वाला स्वरूप माना जाता है. मां की चार भुजाएं हैं. स्कंदमाता का वाहन शेर है. इसे भी पढ़ें : Adityapur">https://lagatar.in/adityapur-champai-and-arvind-singh-will-inaugurate-the-aakriti-pandal-of-somnath-temple/">Adityapur: सोमनाथ मंदिर की आकृति पंडाल का उद्घाटन करेंगे चम्पई और अरविंद सिंह [wpse_comments_template]
Leave a Comment