Chandil (Dilip Kumar) : झारखंड अलग राज्य बने 23 साल हो गए. कई सरकारें बनी और बड़े-बड़े वादे कर लोगों को सब्जबाग दिखाते रहे. आदिवासी व मूलवासियों के समग्र विकास के लिए अलग राज्य गठन की चिर प्रतीक्षित मांग 22 साल पहले पूरी हो चुकी है, लेकिन क्या अबतक आदिवासी व मूलवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है. लोगों को अब भी राशन व पेंशन जैसे सरकारी लाभकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. राज्य में पंचायत चुनाव भी हो चुका है. विकास को गति देने के लिए कराए गए पंचायत चुनाव के बाद भी अंतिम पंक्ति के लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाना सरकार के जमीनी स्तर के कर्मचारियों के साथ पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-ashish-jaiswals-remand-period-ends-pistol-recovered-on-spot/">जमशेदपुर
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लाभकारी योजना से वंचित है वृद्धा
चांडिल प्रखंड के तामुलिया पंचायत के पुड़ीसिली गांव की रहने वाली 64 वर्षीय सरस्वती हेम्ब्रम मेहनत-मजदूरी कर अपना पेट भरती है. उसे सरकार की किसी भी लाभकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है. सरस्वती हेम्ब्रम को ना राशन मिलता है और ना ही पेंशन. उसका आधार कार्ड भी नहीं है. आधार कार्ड नहीं रहने के कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. सरस्वती हेम्ब्रम के पति गणेश हेम्ब्रम की मृत्यु पूर्व में ही हो चुकी है. उसका एक पुत्र है, जिसकी शादी हो चुकी है. सरस्वती हेम्ब्रत का पुत्र भी मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है. झारखंड अलग राज्य बनने के 23 साल बाद भी एक आदिवासी विधवा वृद्धा का आधार व राशन कार्ड नहीं बनना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला योजना आदि का लाभ नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-the-drain-built-a-month-ago-in-mango-shankosai-was-broken-people-accused-the-municipal-corporation-of-corruption/">जमशेदपुर: मानगो शंकोसाई में एक माह पहले बनी नाली टूटी, नगर निगम पर लोगों ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
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