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चांडिल : अब मंदिरों के अलावा जाहेरथानों में भी होने लगे नए वाहनों की पूजा

 
Chandil (Dilip Kumar) : लोगों के जीवन में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है. हर नए काम की शुरुआत में लोग अपने ईष्टदेव को याद कर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. नया वाहन खरीदने पर लोग सबसे पहले किसी पूजास्थल में वाहन की पूजा-अर्चना करवाते हैं. यह लगभग हर समाज व जाति के लोग करते हैं. मंदिरों में तो वाहन की पूजा करवाने के लिए लोगों को कतार भी लगानी पड़ती है. मान्यता के अनुसार लोग अपने ईष्टदेव से नए वाहन के सुरक्षित परिचालन को लेकर कामना करते हैं और रक्षा सूत्र बांधते हैं. आदिवासी समाज में अब इसका प्रचलन बढ़ गया है और लोग जाहेरथान में नए वाहन की पूजा-अर्चना करवाने लगे हैं. इसे भी पढ़ें : डुमरिया">https://lagatar.in/dumaria-jmm-leader-bharat-sardar-participated-in-rohini-festival-cultural-event/">डुमरिया

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पथराखून जाहेरथान में की गई नई बाइक की पूजा

चांडिल प्रखंड के पथराखून जाहेरथान में सोमवार को नई परंपरा की शुरूआत की गई. गांव के जाहेरथान में अब परंपरागत पूजा-अर्चना के साथ नए वाहनों की भी पूजा-अर्चना की जाने लगी है. सोमवार को गणपति सोरेन की नई बाइक का पुजारी टेंपु हेम्ब्रम ने जाहेरथान में विधिवत पूजा-अर्चना की. इस दौरान ईष्टदेव से वाहन के सुरक्षित परिचालन के लिए कामना किया गया. सिंदूर का टीका लगाया गया और मिठाई चढ़ाया गया. पुजारी टेंपु हेम्ब्रम ने अपनी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की. [wpse_comments_template]
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