Chandil (Dilip Kumar) : अब झारखंडियों को आपसी मतभेदों को दूर कर झारखंड को छठवीं अनुसूची राज्य बनाने की
लड़ाई लड़नी होगी. तब जाकर
स्वासासन व्यवस्था (अबुआ दिशुम-अबुआ राज) लागू होगा, जो हमारे पूर्वजों का सपना
था. उक्त बातें आजसू के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष ललित महतो ने
कहीं. खरसावां शहीद स्थल में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर वापस जाने के दौरान चौका में बात करते हुए ललित महतो ने कहा अब झारखंडियों को जागने और आपसी मतभेदों को दूर कर झारखंड में स्वशासन व्यवस्था लागू करने के लिए झारखंड को छठवीं अनुसूची राज्य बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत
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विधायक जेपी भाई पटेल के बड़े भाई राम प्रकाश भाई पटेल का निधन आजसू ने ही जलाये थे शैक्षणिक प्रमाण पत्र
आजसू के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने कहा कि हम सभी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन के कार्यकर्ताओं ने ही पहली जनवरी 1988 को खरसावां शहीद स्थल पर अपना शैक्षणिक प्रमाण पत्र जलाकर झारखंड नहीं तो चुनाव नहीं का नारा दिया
था. इसके साथ ही अलग झारखंड राज्य लेने का सौगंध खाया
था. उन्होंने कहा कि अलग राज्य आंदोलन के बदौलत ही मिला
है. ललित महतो ने कहा कि वे वर्ष 1988 से लगातार पहली जनवरी को खरसावां के शहीदों नमन करने जाते
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ललित महतो ने कहा कि चुनाव
लडने वाले तो जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लालू यादव, पीबी नरसिम्हा राव जैसे के हाथों बिकते ही
रहे. दुर्भाग्य की बात है कि वैसे लोग आज भी झारखंड के जल, जंगल, जमीन की रक्षा करने बजाय उसे खुलेआम बेच रहें
हैं. जिस प्रकार अलग झारखंड राज्य लेने की कसम खाए थे उसी प्रकार आज
झारखंडवाशियों को झारखंड की रक्षा की
लड़ाई लड़नी होगी, वरना कितने आएंगे और झारखंड को लुटते
रहेंगे. उन्होंने शहीद स्थल में झारखंड आंदोलनकारी पूर्व सांसद कृष्णा मार्डी, खरसावां के विधायक दशरथ
गगराई और कई अन्य लोगों के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित
किया. [wpse_comments_template]
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