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Chandil : कार्यालय के समक्ष मंच का एक दिवसीय विरोध-प्रदर्शन दो को

Chandil (Dilip Kumar) : अखिल झारखंड विस्थापित अधिकार मंच के अध्यक्ष राकेश रंजन ने कहा कि चांडिल डैम के विस्थापितों के मामले पर कब तक भ्रष्टाचारियों के इशारे पर काम होता रहेगा. चांडिल डैम के विस्थापित जानना चाहते हैं कि कार्यालय की ओर से जो 600 विकास पुस्तिका बनायी जा रही है, वह किसकी है. आखिर वे कहां के विस्थापित हैं. वहीं जिन 200 विस्थापितों को मुआवजा राशि दी जा रही है, वे कौन हैं. क्या सभी आरएल 183 मीटर के अंतर्गत आने वाले डूब क्षेत्र के गांवों के विस्थापित हैं या कोई अन्य. इन 800 विस्थापितों की सूची में क्या वास्तविक विस्थापित हैं या पूर्व की तरह आधा-आधा हिस्सेदारी में विकास पुस्तिका बनायी जा रही है. इन मामलों को लेकर दो सितंबर को अखिल झारखंड विस्थापित अधिकार मंच की ओर से सुवर्णरेखा परियोजना अंचल एवं प्रमंडल कार्यालय चांडिल गेट के बाहर आरएल 183 मीटर प्रभावित सभी विस्थापित आवेदनकर्ताओं के साथ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. इसे भी पढ़ें : Chandil">https://lagatar.in/chandil-jbkss-got-the-road-repaired/">Chandil

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दी जा रही है गलत जानकारी

राकेश रंजन ने बताया कि सचिव जल संसाधन विभाग झारखंड सरकार द्वारा दिए गए निर्देश के आलोक में चांडिल डैम में आरएल 183 मीटर तक प्रभावित विस्थापित क्षेत्र के विस्थापितों को पुनर्वास से संबंधित अपना दावा, आपत्ति एवं आवेदन के लिए 31 दिसंबर 2023 तक अंतिम तिथि की घोषणा की जाएगी. इस सूचना के आलोक में उक्त तिथि तक आरएल 183 मीटर तक के प्रभावित विस्थापितों ने लगभग 3000 आवेदन जमा किए थे. उन आवेदनों पर अभी तक कोई कार्य नहीं किया जा रहा है और पुनर्वास पदाधिकारी संख्या 2 चांडिल को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 31 दिसंबर 2023 तक चांडिल बांध से प्रभावित विस्थापितों द्वारा विकास पुस्तिका निर्माण से संबंधित आवेदन कुल 600 एवं पुनर्वास अनुदान से संबंधित कुल 200 आवेदन प्राप्त हुआ है. अपर निदेशक भू अर्जन एवं पुनर्वास आदित्यपुर जमशेदपुर को गलत डाटा भेजा गया है. उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन की लिखित जानकारी दे दी गई है. [wpse_comments_template]

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