Chandil (Dilip Kumar) : बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड कंपनी परिसर में संचालित वनराज स्टील प्लांट प्रबंधन के खिलाफ पंच ग्राम विस्थापित-प्रभावित समिति ने आक्रोश व्यक्त किया है. रविवार को चांडिल प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत मानीकुई सप्ताहिक हाट मैदान में आयोजित बैठक में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मांगे ना माने जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी. पंचग्राम विस्थापित व प्रभावित समिति के जमीनदाता व प्रभावितों की बैठक का नेतृत्व झामुमो के जिला सचिव बुद्धेश्वर मार्डी ने की. मौके पर कंपनी प्रबंधन के मनमानी रवैया और क्षेत्र में फैलाए जा रहे विनाशकारी प्रदूषण के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया गया. वहीं जमीनदाताओं ने कंपनी प्रबंधन से प्रभावित क्षेत्र के लोगों को नौकरी में प्राथमिक देने, वर्ष 2013 में बीएसआईएल कंपनी के स्थायी या अस्थायी पद पर कार्यरत कामगरों को यथावत रखने की मांग की है. इसे भी पढ़ें : सोनुवा">https://lagatar.in/sonuva-the-main-road-from-tunia-chowk-to-bila-reo-started-crumbling-within-six-months/">सोनुवा
: छह माह में ही उखड़ने लगी टुनिया चौक से बिला आरईओ तक की मुख्य सड़क समिति ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए ईएसपी को पुनः संचालन करने, कंपीनी से निकलने वाली प्रदूषित पानी खेतों तक ना जाए इसके लिए वाटर ट्रिटमेंट प्लांट दोबारा स्थापित करने, पूर्व से जमीनदाताओं को दिये जा रहे शादी व मृत्यु में सहयोग राशि को यथावत रखने, बीएसआइएल मुख्य गेट से एनएच तक पक्की सड़क व स्ट्रीट लाईट लगाने, पांच गांव व 13 टोला के जमीनदाताओं के दयामदी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का शुल्क नहीं लेने, पांच गांव के साथ 13 टोला के लिए डीएमपीएस में शिक्षा, कोचिंग, स्वास्थ्य, एम्बुलेंस, शुद्ध पेयजल, जलावन के लिए कस्मीवेस्ट,सड़क की मरम्मती आदि मांग की है. जमीनदाताओं का कहना है कि कंपनी प्रबंधन अगर मांगो पर अमल नहीं करती है तो कंपनी का हुड़का जाम किया जाएगा. इस अवसर पर गुरुचरण सिंह सरदार, योगेश्वर बेसरा, जगत बेसरा, जयशंकर महतो, संतोष सिंह सरदार, विद्याधर मांझी, नेपाल बेसरा, मकर मुर्मू, मनोज वर्मा, नानू प्रमाणिक, काैशल्या हांसदा, वनविहारी मार्डी, गुरुचरण महतो, खिरोद चंद्र महतो, दुर्गा टुडू, गिरीश मुर्मू, घासीराम तंतुबाई, सुकराम मांझी समेत पांच गांव के 13 टोला से बड़ी संख्या में कंपनी से हुए विस्थापित व प्रभावित उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
चांडिल : पंच ग्राम विस्थापित व प्रभावितों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भरी हुंकार

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