बड़ा तालाब में भरा जलकुंभी, मशीन से की जा रही सफाई [caption id="attachment_937083" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> एंबुलेंस में शव को रखती एनडीआरएफ की टीम.[/caption] इस दौरान समूचा डैम परिसर का माहौल गमगीन हो गया. जैसे ही लाश को बाहर निकाला गया मृत पायलट के परिजन एंबुलेंस के पास पहुंचे और लाश को देखने की जिद करने लगे. मृत पायलट की मां एंबुलेंस में चढ़ गई और लाश के साथ ही रहने की जिद करने लगी. काफी मुश्किल से उन्हें एंबुलेंस से नीचे उतारा गया. इसके बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सरायकेला भेजा गया. इधर प्रशिक्षक पायलट के पिता ने कहा कि उनका बेटा एक अच्छा तैराक भी था. तैरने में परेशानी होती इसलिए उसने अपने जूते उतार दिये थे, जो एनडीआरएफ की टीम को बुधवार को सर्च अभियान के दौरान मिला था. संभावना जताई जा रही है कि दुर्घटना में घायल होने के बाद भी वे किसी टापू पर पहुंच गए हैं, लेकिन किसी प्रकार का साधन नहीं होने की वजह से वे सूचना नहीं दे पाए हैं. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-congresss-protest-continues-in-front-of-ed-office/">रांची
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डैम पहुंची नेवी की टीम
[caption id="attachment_937084" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> चांडिल डैम में सर्च अभियान चलाने के लिए तैयारी करते भारतीय नौसेना के जवान.[/caption] इस दौरान सुबह करीब 11 बजे इंडियन नेवी की टीम चांडिल डैम पहुंची. नेवी की टीम डैम पहुंचते ही अपनी तैयारियों में जुट गई. एनडीआरएफ की टीम से आवश्यक जानकारी लेने के बाद नेवी और एनडीआरएफ की टीम विमान और लापता प्रशिक्षक पायलट जीत शत्रु आनंद की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. पायलट जीत शत्रु आनंद के पिता रेलवे के सेवानिवृत्त सिक्योरिटी एसिस्टेंट कमिश्नर राम बालक प्रसाद समेत उनके परिजन चांडिल डैम में इंतजार कर रहे हैं. सभी को नेवी और एनडीआरएफ के ऑपरेशन से कुछ अच्छा नतीजा मिलने की उम्मीद लगा रहे हैं. [wpse_comments_template]
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