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चांडिल : हाथी के शव का हुआ पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा बिसरा

Chandil (Dilip Kumar) : नीमडीह प्रखंड के आंडा गांव में कुंआ में गिरकर मरने वाले जंगली हाथी का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया. इसको लेकर वन प्रमंडल पदाधिकारी सरायकेला आदित्य नारायण, चांडिल के वन क्षेत्र पदाधिकारी मैनेजर मिर्धा, सभी फारेस्टर व वन कर्मी शनिवार को सुबह ही आंडा गांव पहुंच गए थे. हाथी के शव का पोस्टमार्टम नीमडीह के प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सक डॉ राजेंद्र प्रसाद ने अपने दल के साथ किया. बताया गया कि पोस्टमार्टम में हाथी के रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगा था. इसके साथ ही पीछे के दोनों पैर में भी चोट लगा था. हाथी के मरने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए इसका सैंपल फारेंसिक विभाग, रांची भेजा जाएगा. इसके लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है. इसके पूर्व लोगों ने मृत हाथी का विधिवत पूजा-अर्चना किया गया. हाथी के माथे पर सिंदूर का तिलक लगाया. इसे भी पढ़ें : मुसाबनी">https://lagatar.in/musabani-qualifications-to-start-surda-mines-fulfilled-hope-to-start-soon-ramdas/">मुसाबनी

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होगा मौत के कारण का खुलासा

हाथी के पोस्टमार्टम होने के बाद वन विभाग के पदाधिकारियों ने कहा कि हाथी की मृत्यु किन कारणों से हुई इसकी जांच कराई जाएगी. वैसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा होने की उम्मीद है. इसके बाद भी मृत्यु के सही कारणों का पता लगाने के लिए शव का बिसरा फॉरेंसिक लैब रांची भेजा जाएगा. इस मामले में सरायकेला के वन प्रमंडल पदाधिकारी आदित्य नारायण से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका. विदित हो कि बुधवार की रात नीमडीह प्रखंड के आंडा गांव में झुंड का एक हाथी सूखे कुंआ में गिर गया था. हाथी को बाहर निकालने के लिए गुरुवार सुबह से ही वन विभाग जुगत में लग गया था. शुक्रवार को दोपहर हाथी को बाहर निकालने के दौरान करीब 40 घंटे के बाद हाथी की मृत्यु हो गई थी. स्थानीय लोगों से इसे वन विभाग की लापरवाही बताया था. पोस्टमार्टम के बाद हाथी को उसी स्थान पर दफना दिया गया. [wpse_comments_template]

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