Chandil (Dilip Kumar) : लोगों की चाहत भी बड़ी निराला होती
है. अपने सपने पुरे करने के लिए लोग किसी भी हद तक जा सकते
हैं. चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत
घुटियाडीह में ऐसा ही कुछ देखने को
मिला. दरअसल,
घुटियाडीह के ग्राम प्रधान दीपक महतो के बेटे जयंत अपनी शादी पर कुछ अलग करने की चाहत पाले
थे. जयंत के पिता ने अपने एकमात्र बेटे की शादी नीमडीह प्रखंड के नीमडीह गांव के रहने वाले शंकर महतो की बेटी मोनिका के साथ तय कर
दी. शुक्रवार को शादी करने के लिए जयंत ने परंपरागत तरीका
अपनाया. उन्होंने दूल्हा
गाड़ी के लिए
बैलगाड़ी को
चुना. आकर्षक रूप से सजे
बैलगाड़ी में उन्होंने बारात निकाला और करीब चार किलोमीटर की दूरी तय
की. दूल्हन के घर पहुंचे और
कुड़माली रीति-रिवाज से शादी
की. इसे भी पढ़ें : मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-two-absconding-accused-sent-to-jail-in-goilkera-police-station-murder-case/">मनोहरपुर
: गोइलकेरा थाना हत्याकांड में फरार दो अभियुक्त भेजे गए जेल प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश
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https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/chandil-bail-gari-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" /> बैलगाड़ी के चारों ओर चिपकाये गए सामाजिक स्लोगन लिखे पोस्टर.[/caption] जयंत महतो ने कहा कि प्राचीन काल में जब मोटर वाहन नहीं थे, उस समय लोग
बैलगाड़ी से ही बारात जाते
थे. उस जमाने में राजा-महाराजा पालकी पर बारात जाते
थे. वर्तमान समय में भी लोगों को ऐसा ही करना
चाहिए. इससे ना केवल प्रकृति का संरक्षण होगा, बल्कि अपनी परंपरा बची रहेगी, पेट्रोल-डीजल की बचत होगी और बेवजह के फिजूलखर्च बंद
होंगे. कुछ दूर बारात निकालने के लिए लोग लाखों रुपये खर्च कर देते
हैं. वहीं आधुनिकता के दौर में लोग अपनी परंपरा को
भुलते जा रहे
हैं. उन्होंने अपनी परंपरा का संरक्षण वाले कई स्लोगन लिखे पोस्टर दूल्हा
बैलगाड़ी के चारों ओर
चिपकाया था. [wpse_comments_template]
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