Search

 
 
 

Chandil : बिना सिलेबस परीक्षा तिथि जारी करना और आवेदन में भूल सुधार का मौका ना देना दुर्भाग्यपूर्ण

 
Chandil (Dilip Kumar) : झारखंड में 8 वर्षों बाद झारखंड शिक्षण योग्यता परीक्षा होने जा रहा है. सरकार के इस फैसले से शिक्षण प्रशिक्षकों में काफी उत्साह है. वहीं दूसरी ओर झारखंड के हजारों छात्रों में हताशा और उदासीनता का माहौल है. ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के राज्य सचिव सोहन महतो ने बयान जारी कर कहा कि सरकार व संबंधित संस्थाओं ने परीक्षा आयोजन करने की संभावित तिथि सितंबर माह के दूसरे सप्ताह में घोषित कर दी है. लेकिन इस परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए पाठ्यक्रम क्या होगा, इसे अभी तक जारी किया नहीं गया है. इसे भी पढ़ें : Kiriburu">https://lagatar.in/kiriburu-women-should-take-advantage-of-maiyan-samman-yojana-lakshmi-suren/">Kiriburu

: मंईयां सम्मान योजना का लाभ उठायें महिलाएं – लक्ष्मी सुरेन
परीक्षा के लिए महीने भर से भी कम समय बचा है. छात्र किस आधार पर परीक्षा की तैयारी करें ये उन्हें भी पता नहीं. उन्होंने कहा कि केंद्र स्तर सीटेट व विभिन्न राज्यों में राज्य प्रशिक्षण योग्यता परीक्षा ली जाती है. इसमें छात्रों को सभी विषयों को मिलाकर पास करना होता है. लेकिन झारखंड में छात्रों को न्यूनतम पास अंक लाने के साथ-साथ प्रत्येक खंड में भी न्यूनतम उत्तीर्ण अंक लाने का प्रावधान कर दिया गया है, जो बिल्कुल गलत है. भारत में किसी भी शिक्षक प्रशिक्षण योग्यता परीक्षा में इस प्रकार का प्रावधान नहीं है. संगठन ने मांग की कि इन मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाया जाए अन्यथा समस्त शिक्षण प्रशिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. [wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही