Chandil (Dilip Kumar) : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत कुकड़ू प्रखंड के तिरूलडीह से बंगाल सीमा तक सड़क की स्थिति बदहाल है. तिरूलडीह से पैलोंग, सापारूम होते हुए सुईसा रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क बारिश के बाद कीचड़ में तब्दील हो गई है. उक्त सड़क पर चलना राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं. बरसात होने के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है, इससे सड़क दलदल में बदल जाता है.
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: गोलपहाड़ी का मोबाइल दुकानदार लापता आवाजाही के लिए यह एकमात्र सड़क है
बंगाल के सुईसा रेलवे स्टेशन, डेली मार्केट व तिरूलडीह रेलवे स्टेशन तक आवाजाही के लिए यह एकमात्र सड़क है. बरसात में कीचड़ होने पर इस सड़क पर साइकिल, मोटरसाइकिल आदि से चलना खतरों से भरा रहता है. हर वक्त दुर्घटना का भय बना रहता है. झारखंड सीमा में करीब पांच किलोमीटर तक सड़क दयनीय स्थिति में है. इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है. इसी सड़क से किसान तिरूलडीह व सुईसा डेली मार्केट सब्जी बेचने जाते हैं. दोनों रेलवे स्टेशनों को जोड़ने वाली यह सड़क क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण सड़क है.
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: मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद में बकरीद की नमाज अदा की 12 वर्ष पूर्व बनी थी सड़क
सड़क का निर्माण करीब 12 वर्ष पूर्व किया गया था. इसके बाद से एक बार भी सड़क की मरम्मत नहीं कराया गया है. खस्ताहाल सड़क पर रोज आवागमन करने वाले किसान और क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं. बरसात का मौसम शुरू होते ही सड़क पर चलने वाले लोग सड़क की स्थिति देखकर कांप उठते हैं. क्षेत्र के ग्रामीण सड़क की मरम्मति व पूर्ण निर्माण कराने की मांग कई बार कर चुके हैं. लेकिन ग्रामीणों की मांग पर अबतक किसी ने भी ध्यान नहीं दिया. ना ही किसी प्रकार का संज्ञान लिया. ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारी व जनप्रतिनिधि उनकी मांगों पर ध्यान दें और लोगों की सुविधा के लिए बदहाल सड़क की मरम्मत करवाएं. [wpse_comments_template]
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