Chandil (Dilip Kumar) : पारंपरिक ग्रामसभा
जामदोहा व विभिन्न पारंपरिक ग्राम सभा के संयुक्त तत्वावधान में
ईचागढ प्रखंड अंतर्गत
जामदोहा ज्योति पाता
मंला टांड में गुरुवार को
दासांय प्रवचन समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया
गया. इस अवसर पर आदिवासी समाज के वीर पुरुष शहीद
हुदुड़ दुर्गा (महिषासुर) का शहादत दिवस
मनाया. मौके पर उपस्थित लोगों ने उन्हें माला पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित
की. कार्यक्रम में शामिल अतिथियों ने कहा कि महिषासुर उनके पूर्वज
हैं. उन्हें धोखे से मारा गया
है. असुर राज महिषासुर की हत्या छल कपट से किया गया
था. हुदुड़ दुर्गा
संताल समाज के राजा
थे. इसलिए
संताल समाज के लोग दुर्गा पूजा पर शोक मनाते
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: टाटा स्टील के पूर्व एमडी डॉ जेजे ईरानी टीएमएच में भर्ती, आईसीयू में चल रहा इलाज दासांय प्रवचन व नृत्य का भी हुआ कार्यक्रम
अतिथियों ने कहा कि सभी धर्म अहिंसा और शांति का संदेश देते
है. सभ्य समाज में हिंसा का प्रदर्शन ठीक नहीं
है. पूजा के माध्यम से भी हिंसा का प्रदर्शन नहीं किया जाना
चाहिए. समाज में अब इस प्रकार के धारणा को समाप्त कर सामाजिक समरसता स्थापित करने की आवश्यकता
है. इस अवसर पर
दासांय प्रवचन व
दासांय नृत्य का भी कार्यक्रम
हुआ. दासांय प्रवचन में
आयनोम व काजोल की कथा के साथ
हुदुड दुर्गा और
पिडगी रानी की भी कथा सुनाई
गई. कार्यक्रम में
ईचागढ भाग दो के जिला परिषद सदस्य ज्योति लाल माझी, चांडिल पश्चिम के जिला परिषद सदस्य सविता मार्डी,
धाड़ दिशोम की ओर से
तालसा माझी बाबा
दुगा चरण मुर्मू,
सिंत्र दिशोम की ओर से सुकराम टुडू के अलावा
पोतकोम दिशोम के कई माझी बाबा व
संताल समाज के गणमान्य शामिल
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: धालभूमगढ़ थाना में सेवानिवृत्त एएसआइ को दी गई विदाई धुमधाम से की गई नवदुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
चौका में सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा समिति की ओर से शारदीय नवरात्र पर आयोजित दुर्गोत्सव में बनाए गए देवी दुर्गा के सभी नौ रूपों की प्रतिमाओं का गुरुवार को विसर्जन किया
गया. गाजे-बाजे के साथ नाचते गाते मां के भक्तों ने चौका
मोड़ स्थित नवदुर्गा मंदिर से विसर्जन जुलूस
निकाला. एनएच 33 होते हुए जुलूस चौका गांव स्थित तालाब तक पहुंचा जहां देवी के नौ रूपों की प्रतिमा के अलावा
आद्याशक्ति देवी दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन परंपरा के अनुसार किया
गया. इस दौरान एनएच 33 में सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध किया गया
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