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चांडिल : विद्यालयों को छह माह से नहीं मिली एमडीएम की राशि, बढ़ी परेशानी

Chandil (Dilip Kumar) : सरायकेला-खरसावां जिला के सभी विद्यालय उधारी पर एमडीएम का संचालन कर रहे हैं. वित्तीय वर्ष 2023-24 में सिर्फ 26 दिन का ही एमडीएम राशि प्रति स्कूल को प्राप्त हुआ है. छह माह बीत जाने के बाद भी एमडीएम की राशि अबतक स्कूलों को नहीं मिला है. बिना आवंटन के छह महीने तक शिक्षक और माता समितियों ने प्रधानमंत्री पोषण (एमडीएम) योजना निर्बाध गति से चालू रखा, जो मानव कल्याणकारी और छात्र हित को देखते हुए सराहनीय कदम है. लेकिन ऐसा कब तक संभव है. शिक्षक और माता समितियां बिना आवंटन के मध्याह्न भोजन योजना निर्बाध गति से कबतक चालू रख पाएंगे. बताया जा रहा है कि विद्यालयों में अबतक 50 से 80 हजार रुपए तक का उधार हो चुका है. ऐसे में उनके समक्ष योजना को आगे चलना मुश्किल साबित हो रहा है. इसे भी पढ़ें : चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-former-commissioner-of-kolhan-planted-saplings-in-kgbv/">चाकुलिया

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संघ से हस्तक्षेप करने की मांग

इस संबंध में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के सरायकेला-खरसावां जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ साहू ने संघ के जिला अध्यक्ष और महासचिव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले इस तरह विद्यालय को आवंटन नहीं मिलने पर भी एमडीएम योजना चालू रखा, वो राशि अबतक प्राप्त नहीं हुई. विभागीय पदाधिकारी को बोलने पर वह कहते हैं माइंस में आपको एमडीएम चलाने कौन बोला. किसी पदाधिकारी ने आपको एमडीएम चलाने का लिखित निर्देश दिया है क्या. इस तरह विभागीय पदाधिकारी अपना पल्ला झाड़ देते हैं. ऐसे में कोई स्कूल एमडीएम बंद करने का आवेदन देते हैं तो विभागीय अधिकारी, संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को डांट डपटकर एमडीएम चलाने के लिए कड़ी निर्देश देते हैं. उन्होंने कहा कि विद्यालय के प्रभारी और एमडीएम चलाने वाले माता समितियों का शोषण पर शोषण हो रहा है, जो चिंताजनक है. इस विषय में सरायकेला-खरसावां जिला के उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक के साथ-साथ स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव व निदेशक को भी अवगत कराने की मांग की है. [wpse_comments_template]

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