Chandil (Dilip Kumar) : जिरूलडीह बाजार में लगाया गया सोलर जलमीनार अब शोभा की वस्तु बनकर रह गया है. वर्तमान में उस सरकारी संपत्ति को देखकर ही लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं. इस भीषण गर्मी में बाजार के दुकानदारों के अलावा विभिन्न गांवों से बाजार पहुंचने वाले लोगों को सोलर जलमीनार से पेयजल की सुविधा नहीं मिल रहा है. खराब पड़े इस जलमीनार को दुरुस्त कर उपयोग में लाने के लिए ना पंचायत प्रतिनिधि गंभीर है. ना सांसद-विधायक और ना विभाग, ना प्रशासनिक पदाधिकारी. ऐसे समय में समाजसेवी भी चुप्पी साधे हुए है. बताया गया कि उक्त जलमीनार तिरुलडीह बाजार का एकमात्र पेयजल का साधन है, जिससे पूरे बाजार के दुकानदारों के साथ राहगीर भी अपनी प्यास बुझाते हैं. इसे भी पढ़ें :चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-wild-elephants-are-enjoying-mango-pali-and-hem-sagar-in-the-gaushala/">चाकुलिया
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घटिया निर्माण का आरोप
दुकानदारों ने बताया कि निर्माण के बाद से ही सोलर चालित जलमीनार आए दिन खराब होते रहता है. कई बार तो छह माह तक लोगों को जलमीनार का लाभ नहीं मिलता है. अब भी जलमीनार महिनों से बंद पड़ा है और इसकी सुधी लेने वाला अबतक कोई नहीं पहुंचा है. भीषण गर्मी के समय में जब सरकार व प्रशासन विभिन्न उपाय लगाकर लोगों तक पेयजल पहुंचा रहे हैं. वैसे समय में जलमीनार का खराब पड़ा रहना विभागीय कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है. दुकानदारों ने बताया कि जलमीनार का निर्माण की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि बार-बार खराब होता रहता है. जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-city-council-will-reduce-and-recycle-waste-and-distribute-it-among-the-people/">चाईबासा: नगर परिषद बेकार सामानों को रीसायकल रिड्यूस कर लोगों के बीच करेगा वितरित [wpse_comments_template]
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