Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत लाकड़ी, शासनटांड, मकलीकोचा, कादला,
डुंगरीडीह समेत आसपास के
गांवाें में पिछले 10 दिनों से जंगली हाथियों का आतंक
है. रोज किसी ना किसी गांव में घुसकर जंगली हाथियों का झुंड किसानों के खेतों में लगी फसलों को बर्बाद कर रहा
है. ग्रामीणों ने बताया कि झुंड में करीब 25 हाथी
हैं. वे दिन के उजाले में
कादला व
माकली पहाड़ के बीच रहते हैं और शाम ढलते ही गांवों में पहुंच जाते
हैं. हाथियों का झुंड खेतों में लगी धान की फसल को अपना निवाला बना रहे
हैं. इसके साथ ही हाथियों का झुंड किसानों के टमाटर, मिर्च समेत अन्य सब्जी की खेती को भी बर्बाद कर रहे
हैं. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-bhumi-poojan-for-the-construction-of-the-pandal-of-the-young-kali-puja-committee/">जमशेदपुर
: नवयुवक काली पूजा समिति के पंडाल निर्माण का हुआ भूमि पूजन दहशत में रात बिता रहे ग्रामीण

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alt="" width="1280" height="1280" /> नीमडीह प्रखंड के
लाकड़ी क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में रात बिता रहे
हैं. किसानों को हमेशा यह डर लगा रहता है कि इस रात हाथियों का
रूख आखिर किस गांव की ओर
होगा. लोग चाहकर भी अपनी फसलों की रक्षा नहीं कर पा रहे
हैं. सोमवार की रात से मंगलवार की सुबह तक जंगली हाथियों का झुंड
शासनटांड में डेरा जमाए
रहा. इस दौरान हाथियों के झुंड ने गांव के कर्ण महतो, दुर्योधन महतो, अनिल महतो, सुधीर महतो समेत अन्य किसानों के खेत में लगी धान की फसल को अपना आहार बनाकर और रौंदकर नुकसान
पहुंचाया. इसे भी पढ़ें : बहरागोड़ा">https://lagatar.in/baharagora-discussion-on-your-plan-your-government-program-in-the-meeting-of-pansas-and-officials/">बहरागोड़ा
: पंसस व पदाधिकारियों की बैठक में आपकी योजना, आपकी सरकार कार्यक्रम पर हुई चर्चा विभाग ने कहा- सरकार से नहीं मिली सामग्री
गांव के पवित्र कुमार महतो ने बताया कि जंगली हाथियों के आतंक से परेशान ग्रामीण अपनी समस्या को लेकर जब वन विभाग के पास पहुंची और
हाथियाें से रक्षा करने की मांग की तो विभाग ने भी हाथ
खड़े कर
दिए. ग्रामीणों ने जब
मसाल बनाने के लिए मोबिल,
रौशनी के लिए टार्च और पटाखा मांगा तो विभागीय कर्मी का कहना था कि सरकार से विभाग को अब तक कुछ नहीं मिला है तो ग्रामीणों को वे कहां से
देंगे. ग्रामीणों ने जंगली हाथियों से रक्षा के लिए विधायक, जिला परिषद सदस्य समेत अन्य जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई, लेकिन सभी जगहों से मात्र आश्वासन ही
मिला. ऐसे में ग्रामीणों के बीच रोष
है. [wpse_comments_template]
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