Chandil: चांडिल डैम का जलस्तर 180 मीटर से नीचे रखने एवं विस्थापितों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिये मंगलवार को 116 गांव युवा विस्थापित संगठन के प्रतिनिधि विधायक सविता महतो के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिले. इस दौरान विधायक ने मांग पत्र में कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के चांडिल बांध निर्माण से हुए कुल 116 गांवों के विस्थापितों को 40 वर्षों से निर्माणाधीन चांडिल डैम की पुनर्वास नीति के अनुसार समुचित सुविधाएं नहीं मिलने से विस्थापित अपने गांव में किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं.
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विश्व जल दिवस पर ग्रामीणों को किया जागरूक सीएम के सामने रखीं यह मांगें
संगठन ने जल संसाधन विभागीय अधिसूचना संख्या 843 /2021 में संशोधन करते हुए प्रति विकास पुस्तिकाधारी विस्थापितों को नियुक्ति देने, वर्तमान पुनर्वास नीति में संशोधन कर नई पुनरीक्षित पुनर्वास नीति 2022 तैयार करते समय विस्थापित संगठन व समिति को प्रतिनिधि के रूप में सम्मिलित करने की मांग की है. इसके साथ ही विस्थापित परिवारों को देय सुविधा तथा अनुदान राशि 6 लाख 57 हजार से बढ़ाने, सभी पुनर्वास स्थल को घेराबंदी करने तथा अवैध रूप से कब्जाधारी गैर विस्थापित को चिन्हित करने की मांग की गई.
यह थे उपस्थित
संगठन से सीएम से भविष्य में नियुक्ति हेतु विस्थापितों का उम्र में उस परियोजना की अंतिम अधिसूचना तिथि को कट ऑफ डेट रखने, पुनरक्षित पुनर्वास तिथि 2017 के कंडिका 6.3 प्रशिक्षण की व्यवस्था से संबंधित देय राशि को चार गुना बढ़ाने, प्रति विस्थापित परिवार को विशेष पैकेज की व्यवस्था करने, अविलंब विस्थापन आयोग का गठन करने की भी मांग की है. मौके पर केंद्रीय अध्यक्ष सह अधिवक्ता भोलानाथ रजक, चंद्र प्रकाश साहदेव, डमन कैवर्त, अर्जुन सिंह, मुकुंदर महतो, घनश्याम सिंहदेव, केंद्रीय सदस्य काबलु महतो आदि उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
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