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चांडिल : जिस जमीन पर रघुनाथ महतो की प्रतिमा, वह भूमिज की जमीन

Chandil (Dilip Kumar) : आदिवासी भूमिज समाज ने बुधवार को चांडिल के एसडीपीओ को पत्र सौंपकर एक वायरल वीडियो के खिलाफ पत्र सौंपकर उसमें तथ्यहीन व भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है. पत्र में कहा गया कि नीमडीह प्रखंड के बुट पड़सा घुटियाडीह निवासी निर्मल चंद्र महतो ने अपने सहयोगियों के साथ सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया है. इस वीडियो पर दिखाए गए तथ्य पर आदिवासी भूमिज समाज काे घोर आपत्ति है. पत्र में कहा गया है कि "चुआड़ विद्रोह के महानायक क्रांतिवीर रघुनाथ महतो का पूरा सबूत के साथ" नाम पर 21 मार्च 2023 को वायरल वीडियो में बताई गई बातें सरासर झूठ व तथ्यहीन है. पत्र में वायरल वीडियो की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-abundance-of-resources-on-the-land-where-tribals-live-chitrasen-sinku/">चाईबासा

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अपने आपको स्थापित करने का कुत्सित प्रयास

गलत उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्लानिंग के आधार पर वीडियो बनाया गया है और इससे दुनिया को गुमराह किया जा रहा है. इससे आदिवासी भूमिज समुदाय का अस्तित्व, पहचान, सम्मान व प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और गौरवमय इतिहास के साथ छेड़छाड़ की जा रही है. पत्र में कहा गया कि भारत की स्वाधीनता आंदोलन के 17वीं शताब्दी के दौर के विद्रोह के प्रणेता शहीद रघुनाथ सिंह / रघुनाथ महतो का जाति संबंधित विवाद एक गहन शोध का विषय है, लेकिन दुर्भाग्यवश कतिपय अवकाश प्राप्त नेताओं द्वारा अपने आपको चर्चित करने के उद्देश्य से इतिहास के साथ खिलवाड़ कर अपने आपको स्थापित करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है. इस कारण दो समुदाय आमने-सामने हैं. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/nia-dg-meets-jharkhand-dgp-talks-on-ending-naxalism/">झारखंड

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पेलाराम सिंह भूमिज की जमीन पर है रघुनाथ महतो की मूर्ति

पत्र में कहा गया है कि कथित जमींदार रघुनाथ महतो की नौवीं पीढ़ी का दावा करने वाले निर्मल चंद्र महतो द्वारा भ्रामक प्रचार कर अपने आपको प्रसिद्ध करने का स्टंट मात्र है. इनके पितामह दिवंगत वानेश्वर महतो को जमींदार दिवंगत श्यामा प्रसाद सिंह ने पट्टा बंदोबस्ती देकर प्रजा के रूप में बसाया था, जिसका दस्तावेज आज भी उपलब्ध है. पत्र में बताया गया कि जिस जमीन पर महतो समुदाय द्वारा शहीद रघुनाथ महतो की मूर्ति स्थापित की गई है, वह भी आदिवासी भूमिज की जमीन है. जमीन का खतियानी रैयत दिवंगत पेलाराम सिंह भूमिज इत्यादि हैं. मौजा बूट पड़सा का खाता नंबर 86 है. पत्र सौंपने वालों में बनु सिंह सरदार, कुसुम कमल सिंह, गोपाल सिंह, सुभाष सिंह, निर्मल सिंह, लवकिशोर सिंह, संतोष सिंह, बुद्धेश्वर सिंह, हरेकृष्ण सिंह, परमेश्वर सिंह, गोकुल सिंह, प्रभात सिंह आदि शामिल थे. [wpse_comments_template]

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