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अनुशंसा करने वाले का होगा सामाजिक बहिष्कार
जनसभा को संबोधित करते हुए लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज के विधायक व सांसद अगर कुड़मी को एसटी में शामिल करने का समर्थन करते है तो आदिवासी समाज उनका सामाजिक बहिष्कार करेगा. आदिवासी जन परिषद के प्रेमशाही मुंडा ने आक्रोश जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुड़मियों द्वारा आदिवासियों के हक और अधिकार को छीनने का प्रयास किया जा रहा है. आदिवासी समाज के वीर शहीदों को अपना बताकर इतिहास के साथ छेड़छाड़ किया जा रहा है. [caption id="attachment_658007" align="aligncenter" width="600"]alt="" width="600" height="400" /> जनसभा में उपस्थित आदिवासी समाज के लोग[/caption] इसे भी पढ़ें : मनोहरपुर">https://lagatar.in/manoharpur-misuse-of-government-money-in-the-name-of-jalminar-in-saranda-digha-bitkilsoy/">मनोहरपुर
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जनसभा में कई प्रस्ताव पारित
आदिवासी आक्रोश जनसभा में कई प्रस्ताव पारित किए गए. मौके पर कुड़मियो को आदिवासी नहीं बनने देने का संकल्प लिया गया. वहीं तय हुआ कि अगर कोई आदिवासी समाज का सांसद, विधायक व नेता कुड़मियों को आदिवासी बनने की अनुशंसा करता है तो उसका समाजिक बहिष्कार किया जाएगा. पूरे झारखंड राज्य के आदिवासियों की जमीन, परंपरा, भाषा-संस्कृति और जल जंगल जमीन बचाने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा. मांग की गई कि प्रकृति पूजक आदिवासियों के लिए अलग धर्म कोड दिया जाए. जनसभा को पश्चिम बंगाल के सुमित हेंब्रम, प्रशांत टुडू, हरिपद सिंह सरदार, पातकोम दिशोम पारगाना रामेश्वर बेसरा, श्यामल मार्डी, सुधीर किस्कू, मानिक सिंह सरदार समेत कई लोगों ने भी संबोधित किया. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-marwari-society-distributed-syrup-and-fruits-at-baridih-chowk/">जमशेदपुर: बारीडीह चौक पर मारवाड़ी समाज ने शरबत व फल का किया वितरण
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