Chandil (Dilip Kumar) : आदिवासी भूमिज मुंडा कल्याण समिति की ओर से नीमडीह प्रखंड अंतर्गत सिरका गांव में मांराग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की 120वीं जयंती मनाई गई. जयंती समारोह के दौरान सुबह गांव के लाया यानि पुजारी विवेकानंद सिंह द्वारा जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना किया गया. इसके बाद अतिथियों द्वारा समाज का झंडात्तोलन किया गया. झंडोत्तलन के बाद अतिथियों ने जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-aadhaar-improvement-camp-in-ichhapur-kali-temple-crowd-gathered/">आदित्यपुर
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आदिवासियों के सर्वोच्च नेता थे जयपाल
समिति के सह सचिव जयराम सिंह ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा भारतीय आदिवासी समाज और झारखंड आंदोलन के एक सर्वोच्च नेता थे. वे कुशल राजनीतिज्ञ, पत्रकार, लेखक, संपादक, शिक्षाविद् व 1925 में ‘ऑक्सफोर्ड ब्लू’ का खिताब पाने वाले हॉकी के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे. उनके कप्तानी में 1928 के ओलिंपिक में भारत ने पहला स्वर्ण पदक प्राप्त किया. उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक भारत में जयपाल सिंह मुंडा सर्वोच्च सरकारी पद पर भी आसीन थे. आदिवासियों के उत्थान के लिए सिविल सर्विस का पद त्याग कर वे राजनीति में सक्रिय हुए और सर्वप्रथम अलग झारखंड राज्य का मांग की. मौके पर हरेकृष्ण सिंह सरदार ने कहा कि 1938 जनवरी में उन्होंने आदिवासी महासभा की अध्यक्षता ग्रहण की. उन्होंने बिहार से एक अलग झारखंड राज्य की स्थापना का मांग उठायी. इसके बाद जयपाल सिंह देश में आदिवासियों के अधिकारों की आवाज बन गए. संविधान सभा में ``अनुसूचित जनजाति`` की जगह आदिवासियों को ``मूलवासी आदिवासी`` करने की बात कही. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-andolankari-sangharsh-morcha-celebrated-the-birth-anniversary-of-jaipal-singh-munda/">झारखंडआंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने मनाई जयपाल सिंह मुंडा की जयंती
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