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चांडिल : चुआड़ विद्रोह के महानायक शहीद रघुनाथ महतो को जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि

Chandil (Dilip Kumar) : चुआड़ विद्रोह के महानायक महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद रघुनाथ महतो की जयंती पर उनके जन्मभूमि नीमडीह प्रखंड के घुटियाडीह गांव में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. जयंती के मौके पर डायन कुप्रथा के खिलाफ संघर्ष करनेवाली पद्मश्री छुटनी महतो, आजसू के प्रधान महासचिव पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, आजसू के केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो, ग्राम प्रधान महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वैद्यनाथ महतो, खतियानी नेता जयराम महतो, युवा नेता खगेन महतो समेत कई लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-bhoomipujan-and-flag-hoisting-took-place-in-moti-nagar-regarding-lakshmi-narayan-mahayagya/">आदित्यपुर

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डायन भ्रम है जागरूक बने लोग

शहीद रघुनाथ महतो की जयंती के अवसर पर घुटियाडीह में सभा सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. सभा को संबोधित करते हुए पद्मश्री छुटनी महतो ने कहा कि युवा शहीद रघुनाथ महतो को अपना आदर्श बनाएं. उनका काम महान था, उन्होंने समाज के लिए अपनी कुर्बानी दी. इसी प्रकार लोगों को डायन कुप्रथा के प्रति भी सजग होने की जरूरत है. उन्होंने कहा डायन भरम है, लोगों को इसके प्रति जागरूक होने की जरूरत है. [caption id="attachment_586358" align="aligncenter" width="600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/03/21rc_m_233_21032023_1.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार.[/caption] इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-rally-organized-under-nutrition-fortnight-made-people-aware/">जमशेदपुर

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मौके पर पूर्व मंत्री सह आजसू के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस ने कहा कि शहीद रघुनाथ महतो भारतीय क्रांतिकारी एवं एक महान नेता थे, जिन्होंने 1769-78 में अंग्रेजों के विरुद्ध चुआड़ विद्रोह का नेतृत्व किया था. चुआड़ विद्रोह, छोटानागपुर क्षेत्र में अंग्रेजों के खिलाफ पहला विद्रोह था. उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुष किसी समुदाय, जाति के बंधन में बंधे नहीं है, वे सिर्फ भारत माता के सपूत है. इस अवसर पर आजसू के केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो ने कहा कि शहीद रघुनाथ महतो ने "अपना गांव, अपना राज, दूर भगाओ विदेशी राज" का नारा दिया था. अंग्रेजी हुकूमत के काला कानून व्यवस्था के खिलाफ रघुनाथ महतो ने ग्रामीणों को एकजुट कर तत्कालीन मानभूम क्षेत्र में एक शस्त्र विद्रोह का शंखनाद किया था.

बच्चों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिता आयोजित

शहीद रघुनाथ महतो शांति समिति की ओर से जयंती पर बच्चों और महिलाओं के लिए कई प्रतियोगिता आयोजित किया गया. महिलाओं के लिए शंख बजाने, उलुध्वनि समेत अन्य कई प्रतियोगिता हुई. सभी विजेता प्रतिभागियों को समिति की ओर से पुरस्कृत किया गया. [wpse_comments_template]

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