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चांडिल : 1932 के खतियान आंदोलन में भागीदार बनेंगे तामारी के ग्रामीण

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Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल अनुमंडल के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत चिमटीया पंचायत के तामारी गांव में झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति की बैठक हुई. बैठक हरि मंदिर में हुई.  बैठक में संगठन के सदस्यों ने उपस्थित ग्रामीणों को 1932 के खतियान आंदोलन के संबंध में जानकारी दी. बैठक में बताया गया कि झारखंडियों के लिए ये लड़ाई क्यूं जरूरी है? झारखंड के सभी मूलवासी व आदिवासी का शोषण किस तरह से हो रहा है? अगर हम इस आंदोलन के भागीदार नहीं होते हैं तो आने वाले समय में हमारी अगली पीढ़ी का भविष्य क्या होगा? इन विषयों पर चिंतन मंथन किया गया. बैठक में उपस्थित सभी ग्रामीणों में सरकार के प्रति आक्रोश देखा गया. इसे भी पढ़ें :खरसावां">https://lagatar.in/kharsawan-health-checkup-of-pregnant-women-was-done-at-community-health-center/">खरसावां

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ग्रामीण बनेंगे संघर्ष के साथी

बैठक में उपस्थित लोगों ने हरि मंदिर प्रांगण में शपथ लिया कि वे सभी झारखंड व झारखंडियों के हित के लिए काम करेंंगे. शोषण के विरुद्ध अपने हक व अधिकार के लिए संघर्ष में भागिदार बनेंगे. बैठक की शुरुआत तरुण महतो ने रुपेश बनर्जी की अध्यक्षता में किया. मौके पर कार्तिक माझी, नरेन चंद्र गोप, डमन कैवर्त, सुधामई चटर्जी, दुर्गा सिंह मुंडा, विकास गोप, बादल पुराण, ताराचंद महतो, संदीप महतो, शंकर महतो, राकेश रंजन महतो, देवेन महतो, छोटूलाल महतो, नोखाहरी लोहरा, दिलीप कुमार गोप समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. [wpse_comments_template]

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