: बंगाली समुदाय के लोगों ने पोइला बैशाख मनाया धूमधाम से
वायु व जल प्रदूषण से हो रहा नुकसान
क्षेत्र में स्थित स्पंज आयरन कंपनियों से होने वाली प्रदूषण के कारण लोग बीमार होने लगे हैं. कंपनियों से उड़ने वाली काली धूलकण वायु को दूषित कर रहा है वहीं तालाब व कुंआ के पानी को भी दूषित कर रहा है. तालाब व कुंआ के पानी के ऊपर काली परत जम जा रही है. इससे कुंआ का पानी-पीने से जहां इंसान बीमार हो रहे हैं, वहीं तालाब का पानी पशु-पक्षियों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है. इन सब के बावजूद लंबे समय से कंपनियों से प्रदूषण फैलाने का सिलसिला जारी है. प्रदूषण के कारण क्षेत्र में लाह का उत्पादन ठप पड़ गया है, वहीं पेडों के पत्तों का रंग काला नजर आने लगा है. इसे भी पढ़ें :किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-birsa-surin-of-gangda-village-was-elected-munda-and-bangra-chakia-was-elected-dacoit/">किरीबुरू: गंगदा गांव के बिरसा सुरीन को मुंडा व बंगरा चाकिया को डाकुआ चुना गया
बगैर नतीजा के बंद हो जाता आंदोलन
प्रदूषण को लेकर कई बार आंदोलन किया गया. राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, समाजसेवी व ग्रामीणों ने सामुहिक रूप से आंदोलनों का नेतृत्व किया. हर बाद आंदोलन बगैर नतीजा के ही समाप्त हो जाता है. इसके बाद राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता व समाजसेवियों को प्रदूषण का दुष्प्रभाव दिखाई नहीं देता है. प्रदूषण को लेकर उच्च न्यायालय में मामला भी दर्ज कराया गया, इसके बाद भी ग्रामीण अब भी बदस्तूर प्रदूषण का दंश झेल रहे हैं. अब देखना है कि इस बार शुरू हुए सुगबुगाहट से कितना बड़ा आंदोलन खड़ा होता है. आंदोलन से कुछ नतीजा निकलेगा या बगैर नतीजा के आंदोलनों की लिस्ट में एक और संख्या जुड़ जाएगा. इसे भी पढ़ें :चांडिल">https://lagatar.in/chandil-people-of-bengali-community-celebrated-poila-baisakh-with-pomp/">चांडिल: बंगाली समुदाय के लोगों ने पोइला बैशाख मनाया धूमधाम से [wpse_comments_template]

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