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Chandil : जहरीली गैस रिसाव में मजदूरों के मरने के बाद भी क्यों नहीं होती नरसिंह इस्पात पर कार्रवाई?

Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल प्रखंड क्षेत्र के खूंटी स्थित नरसिंह इस्पात कंपनी में बार-बार गैस रिसाव की घटना होने के बाद भी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है. यहां सरकार के प्रावधानों के विपरीत मजदूरों से काम लिया जा रहा है और पुलिस-प्रशासन के पदाधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं. ऐसे ही कई प्रकार के सवाल और तरह-तरह की बातें क्षेत्र में चल रही हैं. लोगों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी मजदूर की मौत पर चुप्पी साधे बैठे हैं. उन्हें क्षेत्र की जनता की जान की कोई परवाह नहीं है. रविवार को नरसिंह इस्पात कंपनी में मजदूर की मौत के बाद खूंटी ग्राम सभा और कंपनी द्वारा नियम-कानूनों को ताक पर रखकर काम किए जाने का विरोध करने वाले एक बार फिर मुखर हो गए हैं. लोगों का कहना है कि जब कंपनी के अंदर दुर्घटना में मजदूर की मौत हो गई है. कंपनी गेट पर 14 घंटों से अधिक समय तक प्रदर्शन किया जा रहा है. कंपनी प्रबंधन मजदूर के परिजनों को मुआवजा दे रही है. ऐसे में कंपनी की गलती पर अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं. क्या इस दुर्घटना में कंपनी की कोई गलती नहीं है. इसे भी पढ़ें : Chakradharpur">https://lagatar.in/chakradharpur-chief-inaugurated-many-schemes-in-gulkera-panchayat/">Chakradharpur

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पहले भी घट चुकी है दुर्घटना

चौका-कांड्रा सड़क पर स्थित उक्त कंपनी में गैस रिसाव की घटना नई नहीं है. पहले भी कई बार गैस रिसाव के कारण मजदूर की मौत हुई है और कई मजदूर घायल हुए हैं. जानकारी के अनुसार अगस्त 2016 में कंपनी में जहरीली गैस (कार्बन मोनो-ऑक्साइड) रिसाव के कारण दम घुटने से बुधुराम महतो नामक मजदूर की मौत हो गई थी. उस घटना में बुधुराम के बचाव में गए सात मजदूर भी बेहोश हो गए थे. बेहोश होने वालों में तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर (मैकेनिकल हेड) एम साई कला रवि भी शामिल थे. घटना के बाद सभी मजदूरों को टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां बुधुराम को चिकित्सकों ने मृत घोषित किया था. कंपनी में वेल्डिंग और गैस क्लीनिंग का काम करने के दौरान उक्त घटना घटी थी. चौका-कांड्रा सड़क पर स्थित नरसिंह इस्पात लिमिटेड में काम तो खतरनाक होते हैं, लेकिन उसके अनुरूप कंपनी परिसर में किसी प्रकार की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है और ना ही कंपनी में एंबुलेंस और सुरक्षा उपकरण ही उपलब्ध है. ऐसे में दुर्घटना होने पर घायलों को तड़पता छोड़कर पहले वाहन की व्यवस्था की जाती है. कंपनी में कई बार दुर्घटना घट चुकी है. बावजूद इसके कंपनी प्रबंधन दुर्घटनाओं से सबक नहीं लिया है. इसे भी पढ़ें : Jamshedpur">https://lagatar.in/jamshedpur-sundernagar-durga-puja-pandal-inaugurated-on-9-october/">Jamshedpur

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2022 में भी हुआ था जहरीली गैस रिसाव

इसी प्रकार अप्रैल 2022 में भी कंपनी में काम के दौरान जहरीली गैस का रिसाव होने से सात मतदूर बेहोश हो गए थे. सात मजदूरों में तीन को गंभीर स्थिति में टीएमएच, जमशेदपुर में भर्ती कराया गया था, जबकि चार मजदूरों का स्थानीय क्लीनिक में उपचार कराया गया था. गंभीर रूप से घायल होने वालों में एक स्थानीय और दो बिहार के मजदूर थे. इनमें बाडेदा के अंगद सिंह, बिहार के गया जिले के अर्जुन प्रसाद और बेगुसराय के मिथिलेश कुमार शामिल थे. बताया गया कि उस वक्त कंपनी में फर्नेस में मरम्मत का काम चल रहा था. इसी दौरान कार्बन मोनो-ऑक्साइड गैस लीक हो गई थी. मजदूर और स्थानीय लोगों का कहना है कि हर दो-तीन वर्ष के अंतराल पर कंपनी में बड़ी दुर्घटना घटती है, लेकिन कंपनी प्रबंधन इन दुर्घटनाओं से सबक लेकर कंपनी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं करा रही है. कंपनी असुरक्षित तरीके से उत्पादन का कार्य कर मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ करती आ रही है. इसे भी पढ़ें : Chakradharpur">https://lagatar.in/chakradharpur-many-pandal-including-shitala-temple-durga-puja-pandal-will-open-on-october-9/">Chakradharpur

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