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चांडिल : हाथी के हमले से महिला गंभीर रूप से घायल, एमजीएम रेफर

Chandil (Dilip Kumar) : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में जंगली हाथी का प्रकोप फिर शुरू हो गया है. नीमडीह थाना क्षेत्र के कादला गांव के शालटांड़ टोला में सोमवार की सुबह एक हाथी ने 42 वर्षीया महिला गुनीता महतो पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. मिली जानकारी के अनुसार सुबह करीब पांच बजे महिला घर से दूर शौच के लिए गई थी. इस दौरान एक हाथी उसी ओर आ रहा था. हाथी को देखकर महिला वहां से भागने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच हाथी ने दौड़ाकर उसे सुंड से पकड़कर पटक दिया. महिला की हल्ला सुनकर आसपास महुआ चुनने वाले लोग वहां पहुंचे और शोर मचाते हुए हाथी को भगाया. इसे भी पढ़ें : आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-bhairav-puja-held-in-seraikela-regarding-chhau-mahotsav/">आदित्यपुर

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इलाज के लिए पहुंचाया अस्पताल

लोगों ने इसकी सूचना तत्काल उसके परिजनों के अनावा अन्य ग्रामीणों को दिया. परिजन व ग्रामीणों ने घायल को तत्काल रघुनाथपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नीमडीह पहुंचाया. प्राथमिक चिकित्सा करने के बाद चिकित्सकों ने घायल महिला को बेहतर चिकित्सा के लिए एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर भेज दिया. बताया जा रहा है कि घायल का बाएं बाजू कई टुकड़ा में टूट गया है. उसके सिर और मुंह में भी गंभीर चोटें लगी है. हाथी के हमले से महिला के गंभीर रूप से घायल होने के बाद ग्रामीण दहशत में आ गए है. लोगों का कहना है कि ऐसे में वे महुआ चुनने कैसे निकल सकते हैं. महुआ स्थानीय स्तर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है. इसे भी पढ़ें : चैत्र">https://lagatar.in/chaitra-navratri-from-tomorrow-maa-durga-is-coming-riding-on-a-horse-know-the-auspicious-time-and-method-of-ghatasthapana/">चैत्र

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गर्मी बढ़ते ही निकलने लगे हाथी

गर्मी बढ़ते ही पानी की तलाश में हाथी जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच जाते हैं. वहीं महुआ का मौसम होने के कारण भी जंगली हाथी महुआ खाने पहुंचते हैं. वैसे तो चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में सालों भर हाथी का उत्पात देखने को मिलता है. इसका कारण शायद जंगल में हाथियों के अनुकुल व्यवस्था मौजूद नहीं रहना हो सकता है. आए दिन जंगली हाथी आबादी वाले क्षेत्र में घुसकर जान व माल की क्षति कर रहे हैं. हाथियों से जान व माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग पर स्थानीय ग्रामीण बार-बार विभाग व जनप्रतिनिधियों से मांग कर थक चुके हैं. [wpse_comments_template]

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