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गोइलकेरा-मनोहरपुर मुख्य सड़क पर चंद्रमोहन तिर्की को घर से बुला तीन गोली मारकर की हत्या

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Manoharpur / Goilkera : गोइलकेरा-मनोहरपुर मुख्य सड़क के दलकी गांव में चंद्रमोहन तिर्की (40 वर्षीय) की गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना शनिवार की रात करीब नौ बजे की बताई जा रही है. चंद्रमोहन तिर्की उर्फ चरखा शनिवार की रात घर पर सोने की तैयारी कर रहा था तभी दो आदमी पहुंचे तथा चंद्रमोहन को घर से बुला कर ले गया. मृतक की पत्नी जीरा तिर्की के मुताबिक घर से 50 मीटर की दूरी पर मनोहरपुर मुख्य मार्ग पर तीन गोली चलने की आवाज आई. मृतक की पत्नी जब आवाज सुन घर से निकली तो चंद्रमोहन को मृत पाया. चंद्रमोहन को तीन गोलियां एक पीठ, एक सिर तथा एक गोली सीने में मारी गई है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अज्ञात अपराधियों पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने हत्या के पीछे नक्सली व पीएलएफआई के होने से साफ इनकार किया है. पुलिस जांच में जुट गई है. हालांकि पुलिस घटना को आपराधिक मामले से जोड़ कर देख रही है. लेकिन दूसरी ओर, घटनास्थल पर बरामद खोके एके 47 के बताए जा रहे हैं. हालांकि इस पर पुलिस ने अभी कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार किया है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2021/10/mardi1-300x174.jpg"

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कौन है चंद्रमोहन तिर्की, हत्या का कारण हब्बा-डब्बा का खेल तो नहीं

चंद्रमोहन तिर्की वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में बतौर मुखिया के पद पर तरकटकोचा पंचायत से चुनाव लड़ा था तथा दूसरे स्थान पर आया था. उसके बाद से उसकी छलांग आगे बढ़ती गई. पंचायत व बड़ी योजनाओं में वह काम करके दो ट्रैक्टर खरीद लिया. विकास कार्यों में वह भवन सामग्री सामानों की भी आपूर्ति करता था. झामुमो पार्टी संगठन में भी उसकी पहचान अच्छे कैडरों में हो गई थी. दो वर्षों से वह दलकी गांव के बाजार में हब्बा डब्बा का संचालन भी करने लगा. हाल के दिनों में हब्बा डब्बा को लेकर पुलिस की दबिश बढ़ी हुई थी. कई बाजारों में छापेमारी की जा रही थी. शनिवार को भी कुछ ऐसा हुआ जिसने इस हत्या की गुत्थी उलझा दी है. दरअसल मंत्री की गाड़ी को स्कॉर्ट कर गई गोइलकेरा पुलिस दलकी गांव में रुक गई. मंत्री मनोहरपुर चली गई तो गोइलकेरा पुलिस वहां से 5 किलोमीटर दुर भरडीहा पहुंची तो वहां हब्बा-डब्बा खेलने वाले व खिलाने वाले भागने लगे. भागने वालों में कोई पुलिस के हत्थे तो नहीं चढ़ा लेकिन पुलिस ने करीब चालीस मोटरसाइकिल की हवा खोल दी. महज कुछ घंटे के बाद दलकी में चंद्रमोहन की हत्या कर दी गई. दरअसल पुलिस दलकी से ही गई थी ऐसे में छापेमारी में चंद्रमोहन का हाथ होने की आशंका तो नहीं इसपर भी हत्या की गुत्थी उलझ कर रह गई है. हब्बा-डब्बा में हाल के दिनों में बाहर के खिलाने वाले आने लगे तथा लोकल को दरकिनार करने का प्रयास की एक कड़ी को भी हत्या की वजह मानी जा रही है.

रात भर सड़क पर ही पड़ा रहा शव

घटना शनिवार रात नौ बजे के आसपास की है. लेकिन रात को हत्याकांड की सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस नहीं पहुंची. नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण पुलिस सुबह पहुंची. जिसके कारण शव रातभर घटनास्थल पर सड़क पर ही पड़ा रहा और ग्रामीणों की भीड़ लगी रही. [wpse_comments_template]

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