सांसद निशिकांत दुबे को मिली राहत बरकरार, HC ने जवाब दाखिल करने का दिया निर्देश
मजदूर गाड़ी में कोयला लोड करने का काम करते है
वर्तमान में खदान से एक हजार दो सौ मजदूरों की रोजी रोटी चलती है. मजदूर यहां गाड़ी में कोयला लोड करने का काम करते हैं इससे मिलने वाले पैसे से इन मजदूरों के घर का चूल्हा जलता है. मजदूरों एक दिन में 130/-प्रति टन तथा 150/-प्रति टन स्टीम के लिए मजदूरी मिलती है. मजदूर की संख्या ज्यादा होने के कारण सभी मजदूरों को प्रतिदिन गाड़ी नहीं मिल पाती है, मजदूरों के टीम में बारह लोग रह कर काम हैं.मजदूर संघ करते हैं मजदूरों का प्रबंधन
मजदूर संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र यादव ने बताया कि संघ का ही देन है कि यहां वर्तमान में बारह सौ मजदूरों को रोजगार मिला हुआ है. यहां भी कुछ लोगों के द्वारा प्रयास किया गया था कि गाड़ी लोड करने का काम मशीन से ही हो. संघ की वजह से यहां मशीन से गाड़ी में लोड ना होकर मजदूरों को रोजगार मिला हुआ है. संघ के द्वारा मजदूरों तथा अन्य के प्रबंधन के लिए प्रति लोड ट्रक से एक सौ रुपए ली जाती है . इससी पैसे से मजदूर के कल्याण के कार्य में लाया जाता है और कुछ लोगों को रोजगार भी मिलता है.खदान खुले 33 साल हो गये लेकिन आज भी सिकनी गांव के साथ अगल-बगल के गांव भी नहीं बदल पायी है. इसे भी पढ़ें - BREAKING">https://lagatar.in/breaking-ied-blast-in-chaibasas-goilkera-crpf-jawan-injured/">BREAKING: चाईबासा के गोइलकेरा में आईईडी ब्लास्ट, सीआरपीएफ जवान घायल [wpse_comments_template]

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