Chandwa : चंदवा प्रखंड क्षेत्र के कुछ इलाकों में पढ़ाई की उचित सुविधा उपलब्ध नहीं है. माल्हन पंचायत के केकराही, चटर पारटाड, सेकलेरी, पुतरी टोला समेत आधा दर्जन से भी ज्यादा गांवों के बच्चे-बच्चियां पढ़ने के लिए महुआ मिलान स्कूल जाते हैं. रास्ते में देवनद नदी पड़ती है, जो बरसात के दिनों में काफी भयावह रूप धारण कर लेती है. नदी पर पुल नहीं रहने से बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है. बरसात के दिनों में बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं. फिर कहीं स्कूल पहुंच पाते हैं. विद्यार्थियों के साथ-साथ परिजन भी अनहोनी की आशंका से सहमे रहते हैं. इसे भी पढ़ें :हजारीबाग">https://lagatar.in/explosion-in-aluminum-smelting-factory-in-hazaribagh-two-workers-killed/">हजारीबाग
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अनहोनी की आशंका से सहमे रहते हैं ग्रामीण
बरसात के मौसम में कभी कोई अनहोनी ना हो जाए इसलिए परिजनों को नदी पार करवाने के लिए साथ जाना पड़ता है. जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बच्चों के परिजन कहते हैं कि चुनाव के समय वोट के लिए आने वाले नेता बड़े बड़े वादे करते हैं, पर चुनाव गुजरने के बाद मंत्री और विधायक इस ओर ध्यान नहीं देते. ग्रामीण रामकिशुन गंझू, सुनील ठाकुर, आकलू गंझू बिजय गंझू, बलराम ठाकुर, बचू गंझू ,रोशन कुमार ने क्षेत्र में आवागमन की असुविधा के बारे में बताया. ग्रामीणों ने प्रशासन से देवनद नदी पर पुल बनवाने की मांग की है. इसे भी पढ़ें :तांतनगर">https://lagatar.in/tantnagar-280-chickens-died-after-eating-leftover-school-midday-meal/">तांतनगर: स्कूल का बचा मध्याह्न भोजन खाने से 280 मुर्गे-मुर्गियों की मौत [wpse_comments_template]
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