डैम पूरी तरह से जलकुंभी व जलीय पौधे से ढक चुकी है Rajeev Kumar Oraon Chandwa, Latehar: जगराहा डैम को चंदवा शहर का वाटर लाइफ लाइन कहा जाता है. कभी न सूखने वाला जगराहा डैम की हालत आज बद्दतर हो गयी है. किसी जमाने में डैम पानी से लबालब भरा रहता था. लेकिन आज जगराहा डैम सूखने के कगार पर है. लगातार हो रहे अतिक्रमण व वाटर लिंकेज टूटने से यह स्थिति बनी है. बताया जाता है कि इस डैम का निर्माण 60 के दशक में मिशनरियों ने कराया था. बुजुर्गों की मानें तो निर्माण के बाद से अब तक यह डैम कभी सूखा ही नहीं है लेकिन अब डैम के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. डैम पूरी तरह से जलकुंभी और जलीय पौधे से ढक चुकी है. इस कारण डैम की मछलियों पर भी आफत आ गई है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते डैम की साफ- सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले समय में इस डैम का अस्तित्व मिट जायेगा. इसे भी पढ़ें-बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-economic-blockade-in-6-companies-of-biada-against-not-giving-jobs-to-locals/">बोकारो
: स्थानीय को नौकरी नहीं देने के खिलाफ बियाडा की 6 कंपनियों में आर्थिक नाकेबंदी
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/03/nirikshan-karte-adhilkari-_816-1.jpg"
alt="" width="600" height="300" />
में बढ़ रहा अपराध का ग्राफ, एक माह में हुईं छह गोलीबारी व हत्या की घटनाएं [wpse_comments_template]
: स्थानीय को नौकरी नहीं देने के खिलाफ बियाडा की 6 कंपनियों में आर्थिक नाकेबंदी
नहीं हो पा रहा मछली पालन
जगराहा डैम में मछली पालन का कार्य कर रहे मत्स्य जीवी सहयोग समिति की स्थिति दयनीय हो गई है. मछली पालन का कार्य कर रहे सदस्यों ने बताया कि समिति के द्वारा हर वर्ष डैम में मछली का जीरा डाला जाता था. इससे उनका जीवकोपार्जन चलता था. लेकिन अब डैम पूरी तरह से जलकुंभी पौधों से ढक चुका है. जिसकी वजह से डैम में मछली पालन का कार्य पूरी तरह से बंद हो गया है.alt="" width="600" height="300" />
तत्कालीन डीसी ने डैम को विकसित करने के लिए की थी पहल
तत्कालीन डीसी अबु इमरान ने जगराहा डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर पहल की थी. राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के अवसर पर तत्कालीन एसडीओ शेखर कुमार ने जगराहा डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा भी की थी. इसके बाद अधिकारियों के एक दल ने डैम का निरीक्षण भी किया था. उक्त डैम को विकसित करने को लेकर वाटर ट्रीटमेंट, कैंटीन, पार्किंग, पेबर ब्लॉक कार्य आदि से संबंधित निविदा भी निकाली जा चुकी थी. पेबर ब्लॉक का काम भी हो चुका है. इसी बीच डीसी अबु इमरान का तबादला हो गया और यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई. गत पांच मार्च को जिला सहकारिता पदाधिकारी जगमनी टोपनो ने भी इस डैम का निरीक्षण किया. उन्होंने उपायुक्त के संज्ञान में इस मामले को लाने की बात कही. इसे भी पढ़ें-पलामू">https://lagatar.in/crime-graph-increasing-in-palamu-six-incidents-of-shooting-and-murder-in-one-month/">पलामूमें बढ़ रहा अपराध का ग्राफ, एक माह में हुईं छह गोलीबारी व हत्या की घटनाएं [wpse_comments_template]
Leave a Comment