- नए स्मार्ट मीटर का पंचिंग कार्य बहुत धीमा, दो-दो माह से नहीं आ रहा बिल, बढ़ी परेशानी
- पुराने मीटर वाले कंज्यूमर के घर तक नहीं हो रही नियमित रीडिंग और बिलिंग
- एजेंसी, आईटी सेल और इंजीनियर एक दूसरे पर कर रहे हैं फेंका-फेंकी
स्मार्ट मीटर की पंचिंग नहीं होने के कारण बिलिंग ठप
जानकारी के अनुसार, नया स्मार्ट मीटर तो लगाया जा रहा है, मगर जिस गति से मीटर लग रहा है, उस गति से जेबीवीएनएल आईटी सेल द्वारा मीटर की पंचिंग नहीं की जा रही है. जब तक पंचिंग नहीं होगी, तब तक बिलिंग और रीडिंग मुश्किल है. इसको लेकर बिलिंग एजेंसी हाथ खड़े कर दे रही है. जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन शहर में करीब 1000 स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं. मगर मुश्किल 100 के करीब ही स्मार्ट मीटर की पंचिंग हो पा रही है. अब तक करीब 40 हजार स्मार्ट मीटर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगाये जा चुके हैं. लेकिन पंचिंग 10 हजार के करीब ही हो पायी है. इस कारण बिलिंग और ऑन स्पॉट रीडिंग नहीं हो पा रही है. इसकी मुख्य वजह मैन पावर की कमी बताया जा रहा है. यानी कंज्यूमर की समस्या कम होती फिलहाल नहीं दिख रही है.जहां पुराना मीटर है, वहां भी बिलिंग और ऑन स्पॉट बिलिंग की स्थिति खराब
रांची शहर या रांची एरिया बोर्ड के अन्य सर्किल जहां पर पुराने मीटर हैं, वहां भी बिलिंग और ऑन स्पॉट रीडिंग की स्थिति अच्छी नहीं है. ऐसे एरिया के कंज्यूमरों को भी सही समय पर और नियमित बिलिंग नहीं हो पा रही है. ऐसे में जेबीवीएनएल का राजस्व कैसे बढ़ेगा, यह अहम सवाल अब भी जेबीवीएनएल प्रबंधन के समाने है. मालूम हो कि रांची और गुमला सर्किल में कंपीटेंट एनर्जी कंपनी ऑन स्पॉट बिलिंग का काम देख रही है. जबकि रांची शहर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम जीनस कंपनी कर रही है. फरवरी की बिलिंग की स्थिति (रांची एरिया बोर्ड के सर्किल) रांची सर्किल : रांची और खूंटी में 81 प्रतिशत गुमला सर्किल : गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में 67 प्रतिशत 9 मार्च तक बिलिंग की स्थिति रांची सर्किल : रांची और खूंटी में 18 प्रतिशत गुमला सर्किल : गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में 17 प्रतिशतक्या कहते हैं जेबीवीएनएल के अफसर
alt="" width="640" height="640" /> ऐसी कोई बात नहीं है. बिलिंग एजेंसी बहाना बना रही है. सप्लाई के इंजीनियरों (कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंताओं) को रेगुलर बेसिस पर पंचिंग करा बिलिंग शुरू करवानी है. इसमें आईटी सेल से किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है. इसलिए इस मामले में वे ही बेहतर बता सकते हैं.
- संजय कुमार सिंह, जीएम आईटी, जेबीवीएनएल
alt="" width="640" height="640" /> नियमित ऑन स्पॉट रीडिंग और बिलिंग कराने के लिए एजेंसी और इंजीनियरों को सख्त हिदायत दी गयी है. अगर स्मार्ट मीटर लगने वाले क्षेत्र में पंचिंग समस्या के कारण बिलिंग नहीं हो पा रही है, तो इसको लेकर हम गंभीर हैं. बहुत जल्द इंजीनियरों, बिलिंग एजेंसी और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी को बुलाकर बातचीत की जाएगी.
- पीके श्रीवास्तव, जीएम, रांची एरिया बोर्ड, जेबीवीएनएल
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