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चतरा लोस सीट : सत्यानंद भोक्ता और कालीचरण सिंह में हो सकता है मुकाबला

यहां अब तक कोई भी स्थानीय नहीं बन पाया सांसद 

Praveen Kumar Ranchi : 1957 में चतरा लोकसभा क्षेत्र का पहला चुनाव हुआ था. इस लोकसभा से कोई स्थानीय नेता संसद नहीं पहुंच पाया है. चतरा एक जिला के रूप में 1991 में अस्तित्व में आया. इससे पहले यह क्षेत्र हजारीबाग जिले का उपभाग हुआ करता था. चतरा लोकसभा सीट के अंतर्गत चतरा, लातेहर जिले का पूरा हिस्सा और पलामू जिले का कुछ हिस्सा आता है. चतरा लोकसभा में पांच (पांकी, लातेहार, सिमरिया, मनिका और चतरा) विधानसभा सीटें आती है. मौजूदा दौर में सिमरिया और पांकी सीट पर भाजपा का कब्जा है, वहीं चतरा पर राजद, मनिका पर कांग्रेस और लातेहार में झामुमो का विधायक है. 2024 लोकसभा चुनाव काफी रोचक हो चुका है. भाजपा ने इस सीट से कालीचरण सिंह को मैदान में उतारा है. मिली जानकारी के अनुसार कालीचरण समर्थकों ने स्थानीय उम्मीदवार की मांग को लेकर कैंपेन चलाया था. जिसका फायदा कालीचरण सिंह को हुआ. भाजपा ने सुनील सिंह का टिकट काट कालीचरण सिंह को उम्मीदवार बनाया. वहीं दूसरी ओर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के रूप में सत्यानंद भोक्ता चुनाव की तैयारी में जुटे हुए हैं. भोक्ता चतरा विधानसभा से विधायक और वर्तमान सरकार में मंत्री भी हैं. भोक्ता मंत्री रहते कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों के लिए काफी काम किया है. अगर इंडिया गठंबधन से उन्हें टिकट मिलता है तो कहा जा रहा है कि राज्य में इंडिया गठंबधन के सबसे मजबूत उम्मीदवार भोक्ता होंगे.

चतरा में मतदाता

कुल मतदाता – 16,69,806 महिला –          8,17,314 पुरुष –            8,52,490 ट्रांस जेंडर -               2

चतरा लोकसभा में अब तक हुये चुनाव का ब्योरा 

1957 में हुआ पहला चुनाव

1957 में चतरा लोकसभा क्षेत्र के लिए पहला चुनाव हुआ. इस सीट से पहला सांसद विजया राजे चुनी गईं. विजया राजे छोटानागपुर संथाल परगना जनता पार्टी की उम्मीदवार थीं. उन्हें कुल 66 % वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के चपलेन्दु भट्टाचार्य को 34 % वोट मिला था.

1662 में विजया राजे फिर से बनी सांसद

1962 में हुए चुनाव में विजया राजे फिर से चुनाव जीतीं. विजया राजे को इस बार 62.53% वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस के त्रिभूवन नाथ को 37.47% वोट मिले थे.

1967 में फिर जीती विजया राजे

1967 के चुनाव में भी चतरा लोकसभा से स्वतंत्र पार्टी की उम्मीदवार विजया राजे विजयी हुई थी. उन्हें इसबार 32.9 % वोट मिले थे. जबकि कांग्रेस के एसपी भवानी को 22 % वोट मिले थे.

1971 में कांग्रेस की हुई जीत

1971 के लोकसभा चुनाव में चतरा लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की. कांग्रेस के शंकर दयाल सिंह ने इस बार विजया राजे को हरा दिया. शंकर दयाल सिंह को 42.5 % वोट मिले थे, जबकि जनता पार्टी की विजया राजे को 35.8 % वोट मिले थे.

1977 में लोकदल की जीत

1977 में चतरा से भारतीय लोकदल ने जीत दर्ज की. लोकदल के सुखदेव प्रसाद वर्मा को 73.2 % वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के शंकर दयाल सिंह को 21.7 % वोट मिले थे.

1980 में फिर जीती कांग्रेस

1980 के लोकसभा चुनाव में यहां से फिर कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की. कांग्रेस के रंजीत सिंह को 38.2 % वोट मिले थे, जबकि जनता पार्टी के सुखदेव प्रसाद वर्मा को 22.8 % वोट मिले थे.

1984 में भी कांग्रेस जीती

1984 के लोकसभा चुनाव में भी चतरा सीट पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया. कांग्रेस के योगेश्वर प्रसाद योगेश को 55.02 % वोट मिले थे. इस बार इंडियन कांग्रेस से सुखदेव प्रसाद वर्मा ने चुनाव लड़ा था और उन्हें 14.2 % वोट मिले थे. इंदर सिंह नामधारी भाजापा की टिकट पर यहां से चुनाव लड़े थे, उन्हें 14.1 % वोट मिले थे.

1989 में जनता दल ने सीट पर किया कब्जा

1989 के लोकसभा चुनाव में जनता दल के उम्मीदवार उपेंद्र नाथ वर्मा को 48.6 % वोट मिले. जबकि कांग्रेस के योगेश प्रसाद योगेश को 31.9 % वोट प्राप्त हुए.

1991 में भी जनता दल को मिली जीत

1991 के चुनाव में भी यहां से जनता दल ने जीत हासिल की. उनके उम्मीदवार उपेंद्र नाथ वर्मा को 34.7 % वोट मिला. भारतीय जनता पार्टी को 25.3 % वोट मिले थे.

1996 में पहली बार जीती भाजपा

1996 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने चतरा लोकसभा सीट पर पहली बार जीत दर्ज की. भाजपा के धीरेंद्र अग्रवाल को कुल 42 % वोट मिले थे, जबकि जनता दल को 31.5 % वोट मिले थे.

1998 में फिर जीती बीजेपी

1998 के लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी ने यहां से जीत दर्ज की. यहां से धीरेंद्र अग्रवाल को 43.9 फीसदी, जबकि राष्ट्रीय जनता दल के नागमणि को 37.4 फीसदी वोट मिले.

1999 में राजद ने मारी बाजी

1999 के चुनाव में यहां से राष्ट्रीय जनता दल के नागमणि ने चतरा लोकसभा सीट पर जीत दर्ज की. राष्ट्रीय जनता दल को कुल 51.6 % वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 38.6 % वोट मिले थे.

2004 में राजद ने जीती सीट

2004 के हुए लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के धीरेंद्र अग्रवाल यहां से विजयी हुए. धीरेंद्र अग्रवाल को कुल 27.9 % वोट मिले थे, जबकि जनता दल यूनाइटेड के इंदर सिंह नामधारी को 23.6 % वोट प्राप्त हुए थे. वहीं भाजपा के नागमणि को 22.9 % वोट मिले थे.

2009 में इंदर सिंह नामधारी हुए विजयी

2009 के लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर इंदर सिंह नामधारी यहां से विजयी हुए. इंदर सिंह नामधारी को कुल 22.9 % वोट प्राप्त हुए थे. जबकि धीरज प्रसाद साहू जिन्होंने कांग्रेस से चुनाव लड़ा था, उन्हें कुल 19.4 % वोट मिले थे.

2014 में भाजपा की हुई जीत

2014 के लोकसभा चुनाव में चतरा लोकसभा सीट पर भाजपा के सुनील सिंह ने जीत दर्ज की. 2014 में भाजपा को कुल 41.5 फ़ीसदी वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को 16.5 % वोट प्राप्त हुए.

2019 में फिर जीते सुनील सिंह 

2019 के लोकसभा चुनाव में फिर से भाजपा ने इस सीट पर कब्जा जमाया. भाजपा के सुनील सिंह को 57 % वोट मिले थे. वहीं कांग्रेस के मनोज कुमार यादव को 16.02 % वोट मिले थे. इसे भी पढ़ें : पलामू">https://lagatar.in/palamu-two-including-former-congress-leader-shot-dead-in-chainpur/">पलामू

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