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चतराः 11 माह में दूसरी बार सस्पेंड हुए थानेदार प्रशांत मिश्रा, जिला पुलिस पर भी उठ रहे सवाल

  • पिपरवार थाना प्रभारी रहते अवैध बालू कारोबार करने का आरोप लगा था.
  • अब अफीम की तस्करी में शामिल होने के आरोप में किया गया सस्पेंड.

Chatra: चतरा के एसपी ने लावालौंग थाना के प्रभारी प्रशांत मिश्रा को निलंबित कर दिया है. थाना प्रभारी पर अफीम तस्करी में शामिल लोगों के साथ सांठगांठ रखने के आरोप है. उनके खिलाफ एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल ने जांच कर रिपोर्ट दी थी, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया है. अब उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी चलेगा.

 

प्रशांत मिश्रा चतरा जिला बल के ऐसे पुलिस पदाधिकारी हैं, जिन्हें 11 माह में दूसरी बार सस्पेंड किया गया है. 11 माह पहले 23 मई 2025 के उन्हें पिपरवार थानेदार के पद से निलंबित किया गया था. उस वक्त उन पर बालू के अवैध कारोबार में शामिल होने के आरोप में सस्पेंड किया गया था. 

 

प्रशांत मिश्रा के दूसरी बार सस्पेंड करने के साथ ही यह सवाल खड़ा हो गया है कि यह सब चल कैसे रहा है. नियम है कि जब भी कोई पुलिस पदाधिकारी को सस्पेंड किया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरु की जाती है. सवाल उठता है कि क्या विभागीय कार्यवाही चलते रहते ही इस पुलिस पदाधिकारी को दुबारा थाना प्रभारी बनाया गया?

 

बड़ा सवाल यह है कि पहले से चल रहे विभागीय कार्यवाही खत्म हो गया था तो वह दोषी पाया गया या नहीं? दोषी पाया गया तो सजा क्या मिली? अगर निर्दोष साबित हुआ तो उसके खिलाफ आरोप लगाने वालों व जांच करने वालों पर क्या कार्रवाई हुई? 

 

इन सवालों के साथ ही यह सवाल भी उटने लगे हैं कि क्या चतरा जिला में थानेदारों की पोस्टिंग में कुछ झोल है. सस्पेंड करो, फिर पोस्टिंग करो जैसा झोल तो नहीं चल रहा है? झारखंड पुलिस में यह खेल पहले भी खेला जा चुका है और कुछ जिलों में अब भी चल रहा है. क्योंकि बिना सस्पेंड किये थानेदारों को बदलने के लिए डीआईजी से अनुमति लेनी होती है. कई जिलों के एसपी अनुमति लिये बिना सस्पेंड करने का रास्ता अपनाते रहे हैं.

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