National News : मनुस्मृति में महिला को स्वतंत्र होने का अधिकार नहीं दिया गया है. मनुस्मृति में कहा गया है कि बचपन में महिला पिता के अधीन, युवावस्था में पति के अधीन और पति की मृत्यु के बाद बेटों के अधीन रहती है.
LIVE: LoP Shri @RahulGandhi | Chhatron Ki Goonj | Women Special Maha Rally | Pune, Maharashtra https://t.co/CLgBnCU87k
— Congress (@INCIndia) August 22, 2026
यह बात लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कही है. वे शनिवार को पुणे के AISSMS कॉलेज ग्राउंड में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में बोल रहे थे.
नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें
राहुल गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कहा, महिलाओं को मां, पत्नी या बेटी की भूमिका तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए. स्पष्ट रूप से कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत यह होगी कि महिलाएं स्वतंत्र हों, अपने लिए खड़ी हों खुद पर विश्वास करें.
राहुल गांधी ने कहा कि महिलाएं स्वभाव से पुरुषों की तुलना में अधिक संवेदनशील, कोमल, दयालु और दूर की सोच रखने वाली होती हैं. यही वजह है कि उनका मानना है कि भारत की महिलाएं देश की सबसे बड़ी ताकत हैं.
राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज में शामिल छात्रों और महिलाओं से कहा कि महिलाओं को अक्सर तीन भूमिकाओं में बांटकर देखा जाता है.यह बेटी, पत्नी या मां की भूमिका है. बेटी, पत्नी या मां के रूप में पहचान होने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन सिर्फ यही किसी महिला की एकमात्र पहचान नहीं हो सकती.
राहुल गांधी ने उदाहरण दिया कि देश में कई प्रतिभाशाली महिलाएं अलग-अलग क्षेत्रों में सराहनीय काम कर रही हैं. महिलाएं प्रोफेशनल हैं, खिलाड़ी हैं.ऐसे में उनकी पहचान केवल बेटी, पत्नी या मां तक सीमित नहीं की जा सकती.
राहुल गांधी ने कहा कि यह पूछे जाने पर कि भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है, तो कोई देश की अर्थव्यवस्था, सेना, स्वास्थ्य व्यवस्था या लोगों को इसकी सबसे बड़ी ताकत कहता है, लेकिन मैं मानता हूं कि भारत की सबसे बड़ी ताकत और संपत्ति देश की 70 करोड़ महिलाओं की अलग-अलग यात्राएं, कल्पनाएं और सपने हैं.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट में अपनी राय साझा करें.