और अजय सीएस रैंक में प्रोन्नत
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर की गई ठगी
जानकारी के अनुसार, ठगी की घटना को अंजाम देने के लिए साइबर अपराधियों ने वॉयस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया. इसी के तहत साइबर अपराधियों ने डीजी रेल मुरारी लाल मीणा के करीबी को एक अज्ञात नंबर से काल किया. पहले हाल-चाल जाना. इसपर करीबी को लगा कि मुरारी लाल मीणा ही उससे बात कर रहे हैं. इसके बाद उक्त अज्ञात नंबर वाले साइबर अपराधी ने मुरारी लाल मीणा के आवाज में ही उनके करीबी से कहा कि वे अभी अस्पताल में हैं. उनके एक पारिवारिक सदस्य का ऑपरेशन होना है. दो लाख रुपये की तत्काल जरूरत है, उसके बाद ही आपरेशन हो पाएगा. वे बाद में उक्त रुपये वापस कर देंगे. उसने तत्काल आरटीजीएस करने को कहा. इसके लिए उसने अपना खाता नंबर भी दे दिया. डीजी के करीबी को लगा कि आवाज तो उन्हीं की है, वे जरूर किसी परेशानी में हैं, इसलिए उन्होंने दो लाख रुपये आरटीजीएस कर दिया. इसके बाद पता चला कि वो ठगी के शिकार हुए है. इसे भी पढ़ें -महमूद">https://lagatar.in/pakistani-defence-minister-called-mahmud-ghaznavi-a-robber-said-i-do-not-consider-him-a-hero-created-uproar/">महमूदगजनवी को लुटेरा करार दिया पाकिस्तानी रक्षामंत्री ने, कहा-मैं उसे हीरो नहीं मानता, मचा बवाल [wpse_comments_template]
Leave a Comment