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Exclusive- छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: अवैध कमाई के हिस्से का 72 करोड़ पूर्व CM के बेटे चैतन्य बघेल को दिया

Ranchi: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की अवैध कमाई में से 72 करोड़ रुपये तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को दिया गया था. इस रकम का भुगतान बघेल के बचपन के दोस्त प्रवीर शर्मा के माध्यम से किया गया था. ईडी ने जांच में पाया है कि बघेल के यह रकम ओमसाईं बिवरेजेज के अतुल कुमार सिंह और मानव सक्सेना ने दी थी.
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Ranchi: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की अवैध कमाई में से 72 करोड़ रुपये तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को दिया गया था. इस रकम का भुगतान बघेल के बचपन के दोस्त प्रवीर शर्मा के माध्यम से किया गया था. ईडी ने जांच में पाया है कि बघेल के यह रकम ओमसाईं बिवरेजेज के अतुल कुमार सिंह और मानव सक्सेना ने दी थी. साथ ही ब्लैक मनी का वाह्इट करने के लिए शेल कंपनी भी बनायी गयी थी.


ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के दौरान पाया है कि ओमसाईं बिवरेजेज के अतुल कुमार सिंह ने लक्ष्मी नारायण बंसल को 70 करोड़ रुपये दिये थे. बंसल ने चैतन्य के निर्देश पर उसके बचपन के दोस्त प्रवीर शर्मा को दिया था. इसके अलावा शराब कारोबारी मानव सक्सेना ने भी प्रवीर शर्मा को 2.35 करोड़ रुपये दिये थे. इस रकम का इस्तेमाल चैतन्य के व्यापारिक गतिविधियों में किया गया था. 


जांच में पाया गया कि प्रवीर शर्मा ने लक्ष्मी बंसल से 70 करोड़ रुपये लेने के बाद उसे विजय अग्रवाल के पास पहुंचाया था. विजय अग्रवाल दुर्ग स्थित होटल सागर का मालिक है. प्रवीर शर्मा ने शराब की अवैध कमाई में से मिली नकद राशि का वैध करने के लिए शेल कंपनियों का सहारा लिया था. प्रवीर के ही कहने पर कंस्ट्रक्शन फर्म बनाने का निर्देश दिया था, ताकि सरकारी ठेके के नाम पर ब्लैक मनी को वाह्इट किया जा सके. प्रवीर के कहने के बाद M/S Shivam Construction नाम का एक फर्म बनाया गया था.


मानव सक्सेना ने M/S Shivam Construction में 2.35 करोड़ रुपये मेसर्स जय माता दी नाम की कंपनी के माध्यम से ट्रांसफर किया था. इसके अलावा प्रवीर शर्मा के कहने पर गोविंद मंडल की कंपनी M/S Tethis Cam के खाते से नकद राशि देकर दो करोड़ रुपये शिवम कंस्ट्रक्शन के खाते में डाला गया. 


इसके बाद इसे बघेल डेवलपर्स के खाते में ट्रांसफर किया गया. इसके बाद बिठ्ठल ग्रीम प्रोजेक्ट से 16 प्लॉट की खरीद का एग्रीमेंट शिवम कंस्ट्रक्शन के नाम पर किया गया. लेकिन इन 16 प्लॉटों की खरीद नहीं की गयी. ऐसा सिर्फ इसलिए किया गया था ताकि ऐसे लगे कि बघेल डेवलपर्स को भेजा गया पैसा जमीन खरीदने के लिए था.


जांच के दौरान ईडी ने लक्ष्मी नारायण बंसल से पूछताछ की. ईडी को दिये गये अपने बयान में बंसल ने कहा कि प्रवीर को पैसा दिलवाने के लिए चैतन्य बघेल का फोन आता था. प्रवीण शर्मा गाड़ी लेकर पैसे लेने के लिए आता था. पैसा लेने के बाद वह उसे दुर्ग स्थित विजय अग्रवाल के होटल में पहुंचा देता था.


पूछताछ के दौरान प्रवीर शर्मा ने भी यह स्वीकार किया कि उसने लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू अंकल से 70 करोड़ रुपये लिये थे और उसे विजय अग्रवाल के पास पहुंचा दिया था.

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