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छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : चैतन्य बघेल ने गिरफ्तारी को दी चुनौती, SC ने ED से जवाब तलब किया

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय  (ईडी) को नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा है.
 

Lagatar Desk :  छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय  (ईडी) को नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा है.

 

चैतन्य बघेल के वकील कपिल सिब्बल ने याचिका दायर कर यह दलील दी कि ईडी ने चैतन्य बघेल को पूछताछ के लिए समन नहीं दिया था. एजेंसी ने इस आधार पर गिरफ्तार किया कि उन्होंने जांच मे सहयोग नहीं किया, जो बिल्कुल गलत है.

 

 

2161 करोड़ का हुआ शराब घोटाला

बता दें कि छत्तीसगढ़ में कथित तौर पर 2161 करोड़ का शराब घोटाला हुआ है, जिसकी जांच सीबीआई और ईडी दोनों एजेंसियां कर रही हैं.  ईडी की जांच में सामने आया है कि 2019 से 2022 के बीच एक संगठित शराब सिंडिकेट ने सरकार को चूना लगाकर अवैध कमाई की, जिसे Proceeds of Crime बताया गया है. 

 

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आबकारी विभाग के तत्कालीन मंत्री कवासी लखमा को हर महीने नकद रकम दी जाती थी, जो इस घोटाले की कमाई से आती थी. सिंडिकेट में अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा जैसे कई प्रभावशाली नाम शामिल बताए जा रहे हैं. 

इस तरह सिंडिकेट ने किया शराब घोटाला 

जानकारी के अनुसार, शराब बनाने वाली कंपनियों (डिस्टिलर्स) से कमीशन के तौर पर रिश्वत ली जाती थी. राज्य की सरकारी दुकानों से बिना किसी रिकॉर्ड के देशी शराब बेची जाती थी, जिससे सरकारी खजाने को कोई लाभ नहीं हुआ.

 

डिस्टिलर्स को फिक्स मार्केट शेयर देने के बदले मोटी रकम वसूली जाती थी, जिससे एक तरह का शराब माफिया नेटवर्क खड़ा हो गया. विदेशी शराब के लाइसेंस (FL-10A) देने के बदले भी मोटी वसूली की गई.

 

ईडी अब तक करीब 205 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर चुकी है और जांच अभी भी जारी है. 

 

18 जुलाई को ईडी ने किया था गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी ने 18 जुलाई को रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी के बाद देर शाम ईडी ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया था.

 

तब से वे न्यायिक हिरासत में है. 29 अक्टूबर बुधवार को चैतन्य बघेल की रायपुर की ईडी कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी, जहां अदालत ने उनकी न्यायिक रिमांड 12 नवंबर तक बढ़ा दी. 

 

 

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