Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

लातेहार: मुखियापति पर जमीन बेचने का आरोप, केस दर्ज

Kamrol Arfi Latehar: बालूमाथ प्रखंड के शेरागढ़ा के तत्कालीन मुखिया एवं वर्तमान मुखिया के पति सुरेंद्र उरांव पर एक गंभीर आरोप लगाया गया है. बताया जाता है कि शेरागढ़ा पंचायत के बुकरू मौजा अंतर्गत खाता संख्या 59, प्लॉट संख्या 91, रकबा 42 डिसमिल ज़मीन का है. जिसके वास्तविक रैयत स्व रफीक मियां हैं. रैयत के चार पुत्र हैं जो इसके वारिस हैं. परन्तु शेरगढ़ा के तत्कालीन मुखिया सुरेन्द्र पर आरोप है कि उन्होंने फ़र्ज़ी वंशावली बनाकर 42 डिसमिल ज़मीन रैयत के एकमात्र वारिस बताते हुए बिकवा दिया है. न्यायालय के आदेश पर बालूमाथ थाना में कांड संख्या 110/2024, बीएनएस 2023 के तहत धारा 318(4), 338,336(3), 340 के तहत शेरेगढ़ा के तत्कालीन मुखिया सुरेन्द्र उरांव, ज़मीन विक्रेता साजिद अंसारी व ज़मीन क्रेता धनी देवी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. रैयत के पुत्र मो सईद के द्वारा पहले थाने फिर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में आवेदन देने के पश्चात कार्रवाई नहीं होने के बाद न्यायालय में वाद दायर किया गया था. जिसमें मो सईद के द्वारा बताया गया कि बुकरू में पुश्तैनी जमीन जिसका नया खाता संख्या 59, प्लाट संख्या 91 व रकबा 84 डिसमिल है. खतियान पिता मो रफीक वल्द मोहिउद्दीन के नाम से है. बाद में दोनों भाई मो रफीक एवं मो अबरार अली 42-42 डिसमिल का दाखिल खारिज कराकर मालगुजारी रसीद कटवाने लगे. मो रफीक उपरोक्त भूमि के 42 डिसमिल जमीन पर जीवन भर दखल कब्जा में रहे और जोत कोड़ करते रहे. मो रफीक के चार पुत्र मो शफीक, मो सईद, मो हमीद एवं मो साजीद उर्फ काले हैं. मो रफीक की मृत्यु के पश्चात चारो भाई अपने पिता के द्वारा छोड़ी गई सम्पति के दखल कब्जा में आ गये और अपने अपने हिस्से पर अपनी देखरेख में खेती बारी करने लगे. मुखिया, क्रेता और विक्रेता ने साजिश कर गलत वंशावली बनाकर उक्त ज़मीन को बेचवा दिया. वहीं ज़मीन के रैयतों को फर्जीवाड़े केवाला का पता करने में काफी समय लग गया. मो साजीद ने सुरेन्द्र से गलत वंशावली में मो रफीक के एक मात्र पुत्र मो साजिद अंसारी को दर्शाया. जबकि मो रफीक के चार पुत्र हैं. इन तीनों ने बुकरू के जमीन को रजिस्ट्री ऑफिस लातेहार में धनी देवी पति- उदय गंझू को निबंधित विक्रय पत्र संख्या 678/2016 के द्वारा बिक्री कर दिया. जिसमें मुखिया सुरेन्द्र उरांव, मो साजिद, धनी देवी शामिल है. इस सम्बन्ध में मो सईद के द्वारा 21 अक्टूबर 2023 को एफआईआर दर्ज करने के लिए बालुमाथ थाना में आवेदन दिया गया. प्राथमिकी नहीं होने पर आरक्षी अधीक्षक लातेहार को 21 दिसंबर 2023 को आवेदन दिया गया. परन्तु कार्यवाई नहीं होने पर न्यायालय में मामला दाखिल कराया गया. न्यायालय के आदेश पर अंततः एक अक्टूबर 2024 को बालूमाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई. ज्ञात हो कि शेरागढ़ा के पूर्व मुखिया एवं वर्तमान में मुखिया के पति सुरेन्द्र पर पूर्व में भी मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता के मामले में एफआईआर व गिरफ़्तारी भी हो चुकी है. अगर निष्पक्ष रूप से पूर्व मुखिया के कार्यकाल की जांच कराई जाए तो कई मामले उजागर हो सकते हैं. इसे भी पढ़ें - ड्रग्स">https://lagatar.in/congress-wants-to-take-the-youth-into-the-dark-world-of-drugs-amit-shah/">ड्रग्स

तस्करी का कांग्रेस कनेक्शन, BJP हमलावर, शाह बोले-युवाओं को ड्रग्स की अंधेरी दुनिया में ले जाना चाहती
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही