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दुर्गा पूजा पर सुरक्षा व तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव शुक्रवार को करेंगी उच्च स्तरीय बैठक

राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता शुक्रवार की शाम 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई है. बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करना है.
 
मुख्य सचिव अलका तिवारी.

Ranchi : झारखंड में दुर्गा पूजा महोत्सव के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए झारखंड सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. राज्य की मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता शुक्रवार की शाम 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई है. बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य भर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करना है. इस बैठक से पहले डीजीपी से कहा गया हैं कि एजेंडा बिंदुओं के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शुक्रवार दोपहर एक बजे तक विभाग को उपलब्ध कराएं.

 बैठक में इन प्रमुख एजेंडों पर होगी चर्चा 

कानून-व्यवस्था: दुर्गा पूजा से पहले की गई निरोधात्मक कार्रवाई, लंबित वारंट और कुर्की का निष्पादन, और अवैध मादक पदार्थों व शराब के खिलाफ छापेमारी की समीक्षा की जाएगी.

सुरक्षा व्यवस्था: सभी दुर्गा पूजा पंडालों (लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी) के सत्यापन, मूर्ति विसर्जन की तिथि और जुलूस मार्गों के भौतिक सत्यापन पर जोर दिया जाएगा. जुलूस मार्गों पर पड़ने वाले संवेदनशील स्थानों की विशेष जांच और सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

अव्यवस्था से निपटने की तैयारी: दंगा रोधी उपकरणों, वाहनों और वाटर कैनन की उपलब्धता व टेस्टिंग की समीक्षा होगी. संयुक्त नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा.

बलों की तैनाती: त्योहार के दौरान सुरक्षा के लिए उपलब्ध बलों और दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की योजना पर चर्चा होगी.

जन सुविधाएं: जुलूस मार्गों में प्रकाश व्यवस्था, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, और सुरक्षा बलों के लिए भोजन, आवास और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.

तकनीकी निगरानी: जुलूस की वीडियोग्राफी और ड्रोन के माध्यम से हवाई निगरानी की व्यवस्था पर भी चर्चा होगी. धार्मिक स्थलों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना की भी समीक्षा की जाएगी.

जन भागीदारी: शांति समिति की बैठकों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा होगी. इसमें पंडालों में अग्निशमन उपकरण, सीसीटीवी, प्रवेश, निकास, पार्किंग, स्वयंसेवकों के आई-कार्ड और वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा.

स्वास्थ्य और यातायात: जुलूस के दौरान चिकित्सा सुविधाओं, यातायात नियंत्रण, और एनडीआरएफ के साथ समन्वय की व्यवस्था की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है.

सोशल मीडिया और डीजे पर नियंत्रण: डीजे और अन्य साउंड सिस्टम से उत्तेजक गाने और नारों के इस्तेमाल को रोकने के लिए नीति निर्धारण पर भी चर्चा की जाएगी.

खाद्य सुरक्षा: खाद्य सुरक्षा के तहत मिष्ठान भंडारों में बेची जाने वाली मिठाइयों की शुद्धता की जांच पर भी चर्चा होगी.

अपराध की स्थिति: सांप्रदायिक दंगों से संबंधित लंबित मामलों के निष्पादन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा भी की जाएगी.


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