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धनबाद के सोखाकुल्ही में अब नहीं होता बाल विवाह

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Dhanbad : झरिया के जोड़ापोखर स्थित घनी आबादी वाली सोखाकुल्ही बस्ती में अब एक भी बाल विवाह नहीं होता है. टाटा स्टील झरिया डिवीजन के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी डिपार्टमेंट (सीएसआर)  के तहत रिश्ता प्रोजेक्ट पर 2013 से कार्यक्रम किया जा रहा था, जो अब टाटा स्टील फाउंडेशन के नाम से काम करता है.

     वर्षों की कड़ी मेहनत रंग लाई

वर्षो की कड़ी मेहनत के बाद टाटा स्टील फाउंडेशन के कर्मी इस बस्ती में बाल विवाह पर पूरी तरह रोक लगाने में कामयाब हुए. बस्ती के लोगों का भी उन्हें साथ मिल रहा है. बाल विवाह रुकने से यहां की युवतियां खुश हैं और वे लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं. नतीजा पढ़ाई सहित हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है. और अब तो सरकार ने भी बाल विवाह रोकने के लिए लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 करने का मन बना लिया है.

     टाटा स्टील फाउंडेशन की बड़ी भूमिका

सोखाकुल्ही में बाल विवाह पर पूरी तरह रोक की जानकारी मिलने के बाद लगातार के संवादाता ने बस्ती की बालिकाओं, युवतियों और उनके परिजनों से बातचीत की टाटा स्टील फाउंडेशन के सीएसआर अधिकारी और कर्मियों से भी जानकारी मिली. सीएसआर अधिकरी राजेश कुमार ने बताया कि झरिया डिवीजन के जामाडोबा और सिजुआ ग्रुप में कुल 45 गांवों में रिश्ता प्रोजेक्ट पर 2013 से काम हो रहा है, जिसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्पोर्ट्स शामिल हैं. लेकिन प्रोजेक्ट का मुख्य फोकस युवक-युवतियों के स्वास्थ्य की देखभाल सहित बाल विवाह पर रोक लगाने का रहा.

     बेहतर स्वास्थ्य के लिए बना किचन गार्डेन

उन्होंने कहा कि सीएसआर के तहत स्वास्थ्य के लिए सबसे पहले गांव में किचन गार्डेन बनाया गया, जिसमें स्वस्थ रहने  के लिए जरूरी सब्जियां उपजाई जा रही हैं. इसमें किचन से बहनेवाले पानी और सामग्री का उपयोग किया जाता है. बाल विवाह रोकने के लिए प्रतिदिन केंद्रों पर गांव की लड़कियों और उनके परिजनों के साथ सीएसआर की मीटिंग होती है.

      अलख जगा रहे सीएसआर कर्मी और युवतियां

सीएसआर के कर्मचारी और गांव की युवतियां घर घर जा कर परिजनों को बाल विवाह की बुराई के बारे में बताते हैं. उन्होंने कहा कि 2013 से चलाया जा रहा यह कार्यक्रम सफल साबित हो रहा है. नतीजतन सोखाकुल्ही बस्ती में विगत दो-तीन वर्ष से एक भी बाल विवाह नही हुआ.

    लड़कियां और परिजन हैं खुश

बस्ती की युवतियों ने भी टाटा स्टील फाउंडेशन के रिश्ता कार्यक्रम की सराहना की. कहा कि इस कार्यक्रम के कारण बस्ती में बाल विवाह पर पूरी तरह रोक लग गई है. उन्होंने कहा कि अब युवतियों को भी पढ़ाई के साथ रोजगार करने का मौका मिलेगा . यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-no-medicine-in-snmmch-for-six-months/">धनबाद

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