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2 जनवरी तक जेल में ही रहेंगे चिन्मय दास, घायल वकील अस्पताल में भर्ती, कोर्ट में नहीं हुए पेश

 
LagatarDesk :  हिंदू धर्मगुरु व इस्कॉन के प्रमुख चेहरे चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को अभी जेल में ही रहना होगा. उनकी जमानत याचिका पर अगली सुनवाई दो जनवरी को होगी. दरअसल जेल में बंद चिन्मय कृष्ण दास प्रभु ने चटगांव कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है. 26 नवंबर को कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद उनकी याचिका पर आज सुनवाई हुई. लेकिन चिन्मय प्रभु के वकील रमन रॉय पर जानलेवा हमला होने के कारण वो घायल हो गये हैं और अस्पताल में भर्ती है. उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है. ऐसे में हिंदू धर्मगुरु की ओर से कोई वकील अदालत में पेश नहीं हुआ. वहीं सरकार के वकील ने जमानत पर सुनवाई के लिए और समय की मांग की. जिसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 2 जनवरी की तिथि निर्धारित कर दी.

राजद्रोह के आरोप में चिन्मय दास की हुई थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार की बेदखली के बाद अल्पसंख्यकों खासतौर पर हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ गया है. हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ वहां मौजूद हिंदू संगठन लगातार आवाज उठा रहे हैं. सनातन जागरण मंच के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास ने भी हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर 25 अक्टूबर को चटगांव के लालदिघी मैदान में एक विशाल रैली की थी. इस दौरान कुछ लोगों ने आजादी स्तंभ पर भगवा ध्वज फहराया था, जिसपर ‘आमी सनातनी’ लिखा हुआ था. रैली के बाद 31 अक्टूबर को वहां की बीएनपी पार्टी के नेता फिरोज खान ने चिन्मय कृष्ण दास समेत 19 लोगों के खिलाफ चटगांव में राजद्रोह का केस दर्ज कराया था. उन पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने को लेकक देशद्रोह का मुकदमा चलाया गया और ढाका से गिरफ्तार कर लिया गया.

चिन्मय की गिरफ्तारी के खिलाफ दुनियाभर में विरोध-प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों और चिन्मय कृष्णदास की गिरफ्तारी के खिलाफ बांग्लादेश, भारत समेत दुनियाभर के हिंदू समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस अत्याचार के खिलाफ लगातार रैलियां की जा रही हैं. सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पड़ोसी मुल्क में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने यूएन और देश की केंद्र सरकार से इस पर कार्रवाई करने की मांग की. इसके साथ ही दुनियाभर के इस्कॉन में चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी के विरोध में कीर्तन का आयोजन किया गया.
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