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सीआईडी कर्मचारी गृह निर्माण स्वावलंबी सहकारी समिति ने पहले के बीओडी पर जमीन बेचने का आरोप

Ranchi : अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) कर्मचारी गृह निर्माण स्वावलंबी सहकारी समिति ने समिति के दूसरे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) के पदधारकों पर गंभीर आरोप लगाये हैं. आरोपों में फर्जी तरीके से समिति के सदस्यों की जमीन दूसरे लोगों को बेचना शामिल है. इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि समिति के दूसरे बीओडी के डायरेक्टर्स के द्वारा समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ डोरंडा व कोतवाली थाना में फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिया गया. इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है. समिति के अध्यक्ष भैया प्रदीप कुमार सिन्हा ने इस बारे में रांची एसएसपी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.
 
  • - एसएसपी को आवेदन देकर कहा फर्जी मुकदमों की जांच करायें.
  • - 29 मार्च को है समिति की आमसभा.

Ranchi : अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) कर्मचारी गृह निर्माण स्वावलंबी सहकारी समिति ने समिति के दूसरे बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) के पदधारकों पर गंभीर आरोप लगाये हैं. आरोपों में फर्जी तरीके से समिति के सदस्यों की जमीन दूसरे लोगों को बेचना शामिल है. इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि समिति के दूसरे बीओडी के डायरेक्टर्स के द्वारा समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ डोरंडा व कोतवाली थाना में फर्जी मुकदमे दर्ज करा दिया गया. इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है. समिति के अध्यक्ष भैया प्रदीप कुमार सिन्हा ने इस बारे में रांची एसएसपी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.

 

उल्लेखनीय है कि 11 मार्च को समिति के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि ओरमांझी के आनंदी स्थित समिति की करीब 31 एकड़ जमीन की बिक्री करके सदस्यों के बीच पैसे का बंटवारा कर दिया जाये. इसके साथ ही यह भी फैसला लिया गया है कि समिति की आमसभा 29 मार्च को होगी.

 

एसएसपी को दिये गये आवेदन में कहा गया है कि जमीन की खरीद करने का एकरारनामा रैयत और पहले बीओडी के बीच हुआ था. 2019 में द्वितीय बीओडी के कोषाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने अपनी पत्नी के नाम पांच डिसमिल जमीन रजिस्ट्री करा दिया. यह सेवा नियमावली के विरुद्ध है. 

 

आवेदन में कहा गया है कि पहले बीओडी ने रातू के सिमलिया में जमीन खरीद करके 78 सदस्यों को प्लॉट आवंटित किया था, जहां सभी घर बना करके रह रहे हैं. शेष सदस्यों के लिए ओरमांझी के आनंदी में 31 एकड़ जमीन लिया गाय. जमीन की चाहरदिवारी भी कराया गया. साथ ही वर्ष 2016 में 226 सदस्यों के बीच लॉट्री के माध्यम से जमीन का आवंटन भी कर दिया गया. इसी बीच द्वितीय बीओडी अस्तित्व में आया और उसने गलत तथ्यों का उल्लेख करके इस मामले में विवाद पैदा कर दिया. इसके बाद तीसरा बीओडी अस्तित्व में आया. 

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