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बहुचर्चित सुनील गुप्ता मौत प्रकरण की जांच में जुटी सीआईडी

Hazaribagh : 14 जनवरी को पुलिसिया हिरासत से भागने के क्रम में हुई व्यवसायी सुनील गुप्ता के मौत की जांच सीआईडी करेगी. एसपी की अनुशंसा के बाद सीआईडी ने केस अपने हाथ में ले लिया है. पूरे मामले की जांच को लेकर सीआईडी की ओर से अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर सरिता कश्यप को बनाया गया है. सोमवार को सीआईडी की टीम इंस्पेक्टर के नेतृत्व में हजारीबाग पहुंची और मौत से संबंधित मामले की पड़ताल प्रारंभ की. पहले दिन एसपी से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा है. पत्र में घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की मांग की गई है. बताया गया है कि अस्पताल में पांच दिनों की क्षमता फुटेज स्टोर करने को लेकर जानकारी दी गई है. यह भी बताया गया है कि संबंधित थाना को इसका फुटेज अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराया गया है. उपलब्ध फुटेज की सीआईडी को आवश्यकता है. वहीं एक पत्र अस्पताल अधीक्षक को भी सीआईडी की ओर से दिया गया है. इस पत्र में सुनील गुप्ता की मौत के बाद और पहले की गई चिकित्सा प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई है. इनमें एक्स-रे रिपोर्ट से लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक शामिल है.

रायपुर से घड़ी सर्फ लेकर रांची जा रहा ट्रक हो गया था अगवा, हजारीबाग में की गई थी बिक्री

पूरा प्रकरण रायपुर स्थित घड़ी सर्फ से जुड़ा है, जिसे लेकर सात जनवरी को रायपुर से रांची के लिए ट्रक निकला था. जानकारी के अनुसार बीच रास्ते में ही ट्रक अगवा हो गया. ट्रक पर 12 टन सर्फ लदा था. जांच में सर्फ हजारीबाग में बेचे जाने की पुष्टि हुई थी. रायपुर से आए सेठिया ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक मनोज सेठिया के आवेदन पर सदर थाना में आवेदन देने के बाद पुलिस ने कार्रवाई प्रारंभ की थी. जांच के क्रम में शहर में बेची जा रही नई घड़ी सर्फ की पैकेट सुनील गुप्ता ने अन्य को उपलब्ध कराई थी. यही कारण है कि व्यवसायी को अपने हिरासत में लेकर पुलिस छापेमारी के लिए निकली थी. इसी क्रम में गोला रोड से व्यवसायी पुलिस हिरासत से फरार हो गया था. बाद में मातृ छाया शिशु अस्पताल गली रोड में उसके गिरे होने और गंभीर रूप से घायल होने की सूचना पुलिस को स्थानीय लोगों ने दी. उसके बाद उसे अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया. इलाज के दौरान रात नौ से 10 बजे के बीच उसकी मौत हो गई थी.

थाने में हुआ था बवाल, सदर थाना पुलिस पर दर्ज की गई थी हत्या की प्राथमिकी

पुलिस हिरासत से व्यवसायी के फरार हो जाने और फिर घायल स्थिति में मिलने के बाद उसका इलाज के दौरान मौत हो जाने की खबर के बाद सदर थाना में जमकर हंगामा हुआ था. दूसरे दिन सदर विधायक मनीष जायसवाल के नेतृत्व में पूरे दिन थाना में हंगामा चला था और परिजनों के आवेदन पर सदर थाना की पुलिस पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी. बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद ने भी इसकी जांच की मांग की थी.

जांच में जुटी सीआईडी की टीम

सीआईडी की टीम अभी हजारीबाग में ही रुकी है. जानकारी के अनुसार साक्ष्य एकत्र करने के लिए वे परिजनों से भी पूछताछ करेंगे. संभव है कि मंगलवार को सीआईडी की टीम व्यवसायी सुनील गुप्ता के कानी बाजार स्थित आवास शुभम अपार्टमेंट भी जाएगी. इसे भी पढ़ें : अफसरशाही">https://lagatar.in/bureaucracy-people-keep-visiting-government-offices-officials-absent/">अफसरशाही

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