Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितता मामले की जांच के तहत पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से CID ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी लंबी पूछताछ की. करीब 9 घंटे तक चली पूछताछ के बाद देर शाम उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई. सीआईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए फिर से 3 अगस्त को बुलाया है. उनसे कहा है कि वह समय पर उपस्थित हो.
सूत्रों के अनुसार, CID अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, चयन प्रक्रिया, निजी एजेंसी की भूमिका और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एल. ख्यांग्ते से विस्तृत पूछताछ की. जांच एजेंसी उनके जवाबों का मिलान पहले से जब्त दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य आरोपियों के बयानों से कर रही है, ताकि पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ा जा सके.
बताया जा रहा है कि एल. ख्यांग्ते शुक्रवार सुबह CID मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे लगातार तीसरे दिन पूछताछ की गई. हालांकि पूछताछ को लेकर CID की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ रही है. फिलहाल एल. ख्यांग्ते की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच की प्रगति को देखते हुए भविष्य में किसी भी कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता. आवश्यकता पड़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए भी बुलाया जा सकता है.
इससे पहले पहले दिन CID ने एल. ख्यांग्ते से करीब 8 घंटे और दूसरे दिन लगभग 9 घंटे तक पूछताछ की थी. जांच के दौरान उनसे भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, निजी एजेंसी की भूमिका और परीक्षा से जुड़े अन्य पहलुओं पर सवाल किए गए थे. जांच के क्रम में उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है, ताकि जांच पूरी होने तक उनके विदेश जाने की संभावना पर रोक लगाई जा सके.
सरकारी आवास और कार्यालय में हुई थी छापेमारी
गौरतलब है कि नोटिस जारी करने से पहले CID ने कांके रोड स्थित एल. ख्यांग्ते के सरकारी आवास और JPSC कार्यालय में उनके कक्ष में छापेमारी की थी. करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की और आवश्यक साक्ष्य अपने कब्जे में लिए थे.
टीडीपीएल कार्यालय की भी हुई थी तलाशी
जांच के दौरान JPSC कार्यालय के साथ-साथ परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी TSR Data Processing Private Limited (TDPL) के कार्यालय में भी तलाशी ली गई थी. CID ने JPSC कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज, OMR शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए थे. वहीं, TDPL कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए.
इस मामले में CID अब तक JPSC की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जारी है.
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