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1972 में डोरंडा में शुरू हुई थी हाईकोर्ट की सर्किट बेंच, शुक्रवार को हुआ पुराने भवन में अंतिम कार्यदिवस

Ranchi  : झारखंड हाईकोर्ट के वर्तमान भवन में शुक्रवार को न्यायिक कार्य का अंतिम दिन रहा. न्यायिक कार्य के अंतिम दिन कोर्ट खत्म होने के बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र समेत अन्य न्यायाधीश और हाईकोर्ट के वकीलों के समक्ष विवेकानंद विद्यामंदिर के बच्चों ने बैंड डिस्प्ले किया. हाईकोर्ट भवन के परिसर में महाधिवक्ता, बार काउंसिल के अध्यक्ष और वरीय अधिवक्ताओं समेत हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे. अंतिम कार्य दिवस के दौरान न्यायिक पदाधिकारी और वकीलों ने एक दूसरे के साथ वर्तमान कोर्ट भवन से जुडी यादें ताजा की. शुक्रवार के बाद हाईकोर्ट में अवकाश शुरू हो जाएगा. अवकाश खत्म होने के बाद धुर्वा में बने नए हाईकोर्ट भवन में न्यायिक कार्य होंगे. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/12-6.jpeg"

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वर्ष 1976 में इसी बिल्डिंग में रांची बेंच का गठन

डोरंडा में वर्ष 1972 में तत्कालीन बिहार में हाईकोर्ट की सर्किट बेंच की शुरुआत हुई थी. जिसके बाद वर्ष 1976 में इसी बिल्डिंग में रांची बेंच का गठन कर न्यायिक कार्य होने लगे. वर्ष 2000 तक यही व्यवस्था चलती रही. झारखंड गठन के बाद डोरंडा में ही हाईकोर्ट की शुरुआत हुई और यहां 25 बेंच के साथ न्यायिक कार्य शुरू हुआ. झारखंड हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस के रूप में जस्टिस वीके गुप्ता को नियुक्त किया गया था. राज्य गठन के बाद से हाईकोर्ट भी डोरंडा के इलाके की पहचान बना हुआ है.
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