Ranchi: राजधानी रांची पब्लिक ट्रांसपोर्ट के नाम पर खटारा सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है. आलम ये है कि सिटी बसों में बैठने से यात्री डरने लगे हैं. इसके विकल्प के तौर पर लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए ऑटो या ई-रिक्शा करना ज्यादा सेफ महसूस करते हैं. शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का जिम्मा रांची नगर निगम के पास है. निगम के पास कुल 40 बसें हैं. लेकिन उनमें से सिर्फ आधी ही चलने लायक हैं. बाकि आधी बसें कंडम जो चुकी हैं. इस वजह से महीने के 15 दिन डिपो में ही खड़ी रहती हैं. वहीं निगम इन बसों के संचालन के लिए दो साल से एजेंसी की तलाश कर रही है. इसके लिए निगम ने तीन बार टेंडर भी निकला, लेकिन कोई एजेंसी नहीं आई. इसका सबसे बड़ा कारण बसों की खस्ता हालत है. नगर निगम के पास 10 साल से अधिक पुराने मॉडल की बसें हैं. इन पुरानी बसों का संचालन करने के लिए कोई भी एजेंसी तैयार नहीं हो रही हैं. इसके आलावा 244 नए सिटी बस नगर निगम को जल्द मिलने वाली हैं. इन बसों का ऑपरेशन, मेंटेनेंस और ट्रांसफर पर कुछ महीने पहले निगम ने टेंडर निकाला था. इसमें सिर्फ महाराष्ट्र की एक कंपनी ने आवेदन दिया. इस कारण नगर निगम ने टेंडर को रद्द कर दिया. वहीं शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बड़ी समस्या है. इसे भी पढ़ें- हाईकोर्ट">https://lagatar.in/high-court-said-insurance-company-is-liable-to-pay-compensation-even-in-case-of-death-of-hired-driver/">हाईकोर्ट
ने कहा: किराये के ड्राइवर की मौत पर भी मुआवजा राशि देने के लिए उत्तरदायी है बीमा कंपनी [wpse_comments_template]
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